UP ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, SIR के बाद 2.89 करोड़ नाम बाहर, अब क्या होगा
उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग ने ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की। इसमें अब तक 2.89 करोड़ नाम हटे।
लखनऊः उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर लंबे इंतज़ार के बाद तस्वीर साफ हो गई है। Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। इस सूची में बड़ी संख्या में नाम हटाए गए हैं, जिस पर राजनीतिक हलकों से लेकर आम मतदाताओं तक की नजर टिकी हुई है। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को यूपी में 4 नवंबर से 26 दिसंबर तक चली एसआईआर की प्रक्रिया के बाद तैयार किया गया है।
तीन बार टलने के बाद जारी हुई ड्राफ्ट सूची
राज्य में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन तीन बार टलने के बाद आखिरकार किया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ड्राफ्ट सूची की प्रतियां सभी राजनीतिक दलों को सौंप दी गई हैं। पहले 31 दिसंबर के दिन ड्राफ्ट लिस्ट पब्लिश होना थी। लेकिन, अब बुधवार के दिन चुनाव आयोग की वेबसाइट को जारी किया गया है। रिवीजन के बाद यूपी के वोटर लिस्ट से 2.89 करोड़ नाम कट जाएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, इस बार करीब 18 प्रतिशत मतदाताओं ने गणना प्रपत्र (Enumeration Form) जमा नहीं किया गया है। इसके चलते बड़ी संख्या में नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर हो गए।
क्यों हटे 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम?
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, यूपी में पहले करीब 15 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से 12.55 करोड़ मतदाताओं (81.30%) ने स्वयं या परिवार के किसी सदस्य के जरिए फॉर्म पर हस्ताक्षर कर जमा किया।
नाम हटने के प्रमुख कारण-
46.23 लाख मतदाता मृत पाए गए (2.99%)
2.17 करोड़ मतदाता स्थानांतरित या अनुपस्थित मिले (14.06%)
25.47 लाख मतदाता एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए (1.65%)
इन सभी कारणों को मिलाकर कुल 2.89 करोड़ नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं। इसके बाद यूपी में ड्राफ्ट सूची के अनुसार मतदाताओं की संख्या अब करीब 12 करोड़ रह गई है।
पोलिंग स्टेशन भी बढ़े
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव आयोग के नए निर्देशों के तहत अब एक पोलिंग स्टेशन पर अधिकतम 1200 मतदाता होंगे, जबकि पहले यह संख्या लगभग 1500 थी। इसी वजह से कई नए पोलिंग स्टेशन बनाए गए, जिससे पूरी प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लगा।
दावा-आपत्ति की तारीखें तय
मतदाताओं को राहत देते हुए चुनाव आयोग ने 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया है। जिन मतदाताओं का नाम जारी की गई ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं हैं,वे इस दिए गए समय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म भरकर अपना नाम फिर से जुड़वा सकते हैं। सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा 27 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। इसके बाद आयोग 6 मार्च 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी करेगा।
नए मतदाताओं से अपील
चुनाव आयोग ने 18 वर्ष पूरे कर चुके नए मतदाताओं से अपील की है कि वे अपना नाम जरूर जांचें। अगर नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं है, तो तय समयसीमा के भीतर आवेदन कर अपना नाम जुड़वाना सुनिश्चित करें। नए वोटरों का नाम ना होने पर फॉर्म-6 देकर नाम जुड़वा सकते हैं। इसके साथ ही नाम या पता में सुधार के लिए फॉर्म- 8 भरकर चेंज करवा सकते हैं।