सरकार किसानों के बीच बांटेगी 6.50 करोड़ रुपये के इनाम, जाने क्या है योजना
15 मार्च तक चलेगी ऑनलाइन प्रतियोगिता, लॉटरी से होगा चयन
किसान कल्याण स्वाभिमान वर्ष के तहत राज्य सरकार किसानों के बीच 6.50 करोड़ रुपये के इनाम बांटने की तैयारी में है। वीर भारत न्यास के माध्यम से यह पुरस्कार ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता के विजेताओं को दिए जाएंगे। 15 मार्च तक चलने वाली इस ऑनलाइन प्रतियोगिता के विजेताओं का चयन जिलावार लॉटरी के जरिए किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संस्कृति सलाहकार एवं वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व के रूप में मना रही है। इसके तहत राज्य में लोक एवं जनजातीय कलाओं के बहुरंगी आयोजनों के साथ-साथ एक विशाल राज्य स्तरीय इनामी क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता का पहला चरण 15 मार्च तक चलेगा, जबकि इसका शुभारंभ 29 जनवरी से होगा।
24 मिनट में देने होंगे 24 सवाल
वीर भारत न्यास की वेबसाइट पर आयोजित इस क्विज प्रतियोगिता में किसानों को 24 मिनट में 24 सवालों का सामना करना होगा। केवल राज्य के किसानों के लिए आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा किसानों के लिए संचालित योजनाओं पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे.इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, भावांतर भुगतान योजना, गोपालन योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल रहेंगी. इस दौरान श्रीराम तिवारी ने कहा कि यह पर्व केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि किसानों के प्रति सम्मान, विश्वास और साझेदारी का उत्सव है, जो मध्यप्रदेश को किसान-केंद्रित विकास और सांस्कृतिक नवाचार का प्रेरक मॉडल बनाता है।
यह भी होगा
किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत बुंदेलखंड, बघेलखंड, मालवा, निमाड़ और महाकौशल अंचलों में वर्षभर लोक एवं जनजातीय कलाओं पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से खेती, किसान जीवन, परंपरा और आधुनिक सरकारी योजनाओं का रचनात्मक संगम प्रस्तुत किया जाएगा।
जाने पुरस्कारों में किसे क्या क्या
प्रथम पुरस्कार के रूप में 55 ट्रैक्टर, द्वितीय पुरस्कार के रूप में 55 बुलेट मोटरसाइकिल और तृतीय पुरस्कार के रूप में 55 ई-स्कूटर प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्रत्येक जिले में 55 किसान विकास केंद्रों और 55 कृषि उपज मंडियों को 11-11 हजार रुपये की नगद राशि भी दी जाएगी।