आदिवासी थे बाली, सुग्रीव, अंगद और महावीर हनुमान- उमंग सिंघार

Update: 2026-01-29 04:00 GMT

नेता प्रतिपक्ष ने कहा- धार्मिक ग्रंथों में ऐसा दर्ज

मप्र विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आदिवासी धार्मिक ग्रंथों का हवाला देते हुए रामायण के पात्र बाली, सुग्रीव, अंगद और महावीर हनुमान को आदिवासी बताया है। साथ ही उन्होंने दावा करते हुए कहा कि यदि भाजपा के लोग अंधभक्ति से बाहर आकर ईमानदारी से इतिहास और धर्मग्रंथों के पन्ने पलटें, तो मेरी बात को झूठ कहने का साहस नहीं कर पाएंगे। मैं हमेशा प्रमाण, इतिहास और तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखता हूं, न कि अंधविश्वास या राजनीतिक सुविधा के आधार पर।

धार्मिक ग्रंथों का हवाला

सिंघार ने रामायण के पात्रों के आदिवासी होने को लेकर एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा कि ‘गोंड धर्म सद्विचार’ के पृष्ठ संख्या 10 पर स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के वनवास काल में जिन वानर वीरों ने उनका साथ निभाया, उनमें बाली, सुग्रीव, अंगद और महावीर हनुमान जी शामिल हैं। ये सभी आदिवासी परंपरा से जुड़े गोंड, कोल और कोरकू धर्म योद्धा थे। यह केवल मान्यता नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के धार्मिक ग्रंथों में दर्ज ऐतिहासिक तथ्य है।

वानर सेना आदिवासी परंपरा से जुड़ी है

सिंघार ने कहा कि यदि भाजपा यह मानने को तैयार नहीं है कि हनुमान जी सहित वानर सेना आदिवासी परंपरा से जुड़ी थी, तो उन्हें गोंड समाज से पूछना चाहिए कि उनके धर्मग्रंथों में क्या लिखा है। किसी समुदाय के इतिहास को नकारना केवल अज्ञानता नहीं, बल्कि उस समाज के अस्तित्व और सम्मान का अपमान है।

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