राजू ईरानी डेरा मामला: दो अधिवक्ताओं समेत आधा दर्जन के खिलाफ जालसाजी का प्रकरण दर्ज

Update: 2026-02-01 05:17 GMT

निशातपुरा स्थित अमन कॉलोनी में ईरानी डेरा की महिलाओं के हमले के मामले में आरोपियों की जमानत मृत व्यक्ति के नाम से ली गई थी। इसके अलावा एक ऐसी वृद्धा की बही का भी इस्तेमाल किया गया, जो चल-फिर भी नहीं सकती। इन दोनों के स्थान पर दूसरे व्यक्तियों ने मिलीभगत कर ईरानी डेरा की 14 महिलाओं को जमानत दिलाई थी। पुलिस की सक्रियता से इन सभी आरोपियों की जमानत निरस्त हो गई है।

निशातपुरा थाना प्रभारी एसआई कमलेश चौहान ने बताया कि जिला न्यायालय की ओर से गुरुवार को कार्रवाई के आदेश प्राप्त हुए थे। इसके आधार पर अधिवक्ता नजर खान, अधिवक्ता मोहम्मद साजिद खान, नोटरी संजय कुमार और संदीप सराठे ने 14 ईरानी डेरा की महिलाओं की जमानत दिलाने की व्यवस्था की थी। इन लोगों ने अनवर जहां नाम की महिला की बही जमानत के लिए लगाई थी, जबकि वह अदालत पहुंची ही नहीं थी। उसके स्थान पर दूसरी महिला अनवर जहां बनकर खड़ी हुई थी।

इसके अलावा दूसरी बही अनवर जहां के पति जमी उर रहमान की लगाई गई थी, जिनका बहुत पहले निधन हो चुका है। यह बात पुलिस को जनवरी के प्रथम सप्ताह में पता चली थी, जिसके बाद न्यायालय को इस संबंध में अवगत कराया गया था। इसके बाद 14 आरोपियों की जमानत निरस्त कर दी गई और अगले आदेश का इंतजार किया जा रहा था। दस्तावेजों के परीक्षण के बाद गुरुवार को कार्रवाई के आदेश पुलिस को मिले।

एसीपी के नाम को लेकर आदेश दूसरे थाने भेजा गया

पुलिस के अनुसार एसीपी अक्षय चौधरी पूर्व में एमपी नगर संभाग में तैनात थे और फिलहाल निशातपुरा संभाग में पदस्थ हैं। इसी कारण अदालत से भेजी गई केस डायरी उनके नाम होने के चलते निशातपुरा थाने भेज दी गई। इसके आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया। हालांकि, घटना स्थल एमपी नगर क्षेत्र का होने के कारण अब केस डायरी वहां भेजी जा रही है।

यह मामला ईरानी डेरा पर दी गई दबिश के दौरान हुए पथराव और मारपीट के प्रकरण में फर्जी तरीके से जमानत लेने से जुड़ा है। अब एमपी नगर थाना पुलिस दो वकीलों और दो नोटरी से पूछताछ करेगी। साथ ही, अदालत के कठघरे में खड़ी की गई फर्जी महिला और मृत व्यक्ति के नाम पर गवाही देने वाले व्यक्ति का पता लगाया जाएगा।

पुलिस जांच में सामने आया है कि ये दस्तावेज दो दर्जन से अधिक बार पहले भी इस्तेमाल किए जा चुके हैं। पुलिस अब इनके दुरुपयोग में शामिल लोगों की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल चार नामजद आरोपियों के अलावा दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ जालसाजी का प्रकरण दर्ज किया गया है।

पुलिस ने इन्हें बनाया आरोपी

निशातपुरा पुलिस के अनुसार, 27 दिसंबर को काम्बिंग गश्त के दौरान पुलिस पार्टी पर दो बार हमला किया गया था। इस मामले में साबिर उर्फ भूरा, शब्बीर अली उर्फ एपी, तालिब अली उर्फ गाय, रिजवान हुसैन, मोहम्मद सादिक उर्फ बूढ़ी मुड़ी, मिसआम, सादिक हुसैन, जाफर अली, आबिद अली, मोहम्मद अली, नबी हसन, हैदर जब्बार जाफरी, जुबेर अली उर्फ जुबी, तौफिक हुसैन, अली ईरानी, अली अजीज सहित एक विधि-विरोधी बालक को आरोपी बनाया गया था।

प्रकरण में कुल 17 पुरुष आरोपी थे। इसके अलावा सकीना, नवबहार उर्फ नोबर, अफसारा अली, कुंबरा, फातिमा, तनु, सलमा, मार्जिना खान, नूरजान और यासमीन अली को भी आरोपी बनाया गया था। इनमें 10 महिलाएं शामिल थीं, जिन्होंने एकजुट होकर काम्बिंग गश्त के दौरान पुलिस दल पर हमला किया था। इन्हीं हमलावरों की फर्जी तरीके से जमानत ली गई थी, जिसे अब न्यायालय के आदेश पर निरस्त कर दिया गया है।

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