पतंगबाजी के नाम पर हर साल जानलेवा बनते चाइनीज मांझे को लेकर अब इंदौर हाई कोर्ट ने साफ कर दिया है कि लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी। लगातार हो रही मौतों और गंभीर हादसों पर नाराज़गी जताते हुए अदालत ने कहा है कि प्रतिबंध के बावजूद यदि चाइनीज मांझे से किसी की जान जाती है, तो इसे साधारण हादसा नहीं माना जाएगा।
हाईकोर्ट की दो टूक
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने दो टूक कहा कि सिर्फ आदेश और फाइलों से काम नहीं चलेगा। प्रतिबंध के बावजूद चाइनीज मांझे से मौत होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए. कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि चाइनीज मांझा बेचने या इस्तेमाल करने पर बीएनएस की धारा 106(1) (गैर-इरादतन हत्या) के तहत केस दर्ज किया जाए. यदि नाबालिग चाइनीज मांझा उड़ाते पकड़ा गया, तो उसके अभिभावकों को भी जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया जाएगा।
मकर संक्रांति से पहले बढ़ाई गई सख्ती
कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति है, जब बड़े पैमाने पर पतंगबाजी होती है। ऐसे समय में प्रतिबंधित मांझे का उपयोग जानलेवा साबित हो सकता है।
न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक शरण और आकाश शर्मा ने सुझाव दिया कि इंदौर सहित हाई कोर्ट की सीमा में आने वाले 14 जिलों से यह रिपोर्ट मंगाई जाए कि अब तक क्या कार्रवाई हुई, आगे की कार्ययोजना क्या है, प्रतिबंध को लागू करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं
राज्य शासन की ओर से कोर्ट को बताया कि चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध को लेकर समाचार पत्रों और टीवी चैनलों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.इसकी बिक्री रोकने के लिए विभिन्न स्तरों पर छापेमारी और निगरानी की जा रही है. हादसों को रोकने के लिए विशेष सुरक्षा उपकरणों का उपयोग भी किया जा रहा है। हालांकि कोर्ट ने संकेत दिए कि केवल दावे नहीं, बल्कि परिणाम दिखने चाहिए।
नाबालिग की मौत के बाद सख्ती
30 नवंबर को चाइनीज मांझे की चपेट में आकर 17 वर्षीय गुलशन की दर्दनाक मौत हो गई थी. इस घटना के बाद उसके पिता रामकिशन जाटव ने हाई कोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर कर मांग की कि “मेरे बेटे की तरह अब किसी और की जान न जाए. इसी याचिका के बाद हाई कोर्ट ने इस पूरे मामले में स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की।
जान से बड़ा कोई शौक नहीं-हाईकोर्ट
हाई कोर्ट का यह रुख साफ संकेत है कि अब चाइनीज मांझा केवल प्रतिबंधित वस्तु नहीं, बल्कि आपराधिक लापरवाही के दायरे में आएगा. मकर संक्रांति से पहले यह चेतावनी न सिर्फ प्रशासन, बल्कि आम लोगों के लिए भी है. पतंग उड़ाइए, लेकिन इंसानी जान की कीमत पर नहीं।