MP कांग्रेस जिलाध्यक्षों को ब्लॉक, वार्ड और ग्राम कमेटियां बनाने का फ्रीहैंड नहीं

Update: 2026-02-09 05:14 GMT

मप्र में संगठन सृजन अभियान के तहत पार्टी नेतृत्व ने 71 जिलाध्यक्षों की एक साथ नियुक्ति की थी। इसके बाद कहा गया था कि जिलाध्यक्षों की भूमिका टिकट तय करने से लेकर ब्लॉक, वार्ड और ग्राम समितियों तक पार्टी के विस्तार में अहम होगी। लेकिन इसके उलट कांग्रेस जिलाध्यक्षों को ब्लॉक से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक कमेटियां बनाने के लिए भी फ्रीहैंड नहीं दिया गया है।

जिलाध्यक्ष बने, लेकिन सीमाएं तय

यह मामला प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी द्वारा पिछले दो दिनों से प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में ली जा रही बैठकों के दौरान सामने आया है। रविवार को उन्होंने भोपाल संभाग समेत सभी जिलों के पदाधिकारियों की बैठक ली, जिसमें संगठन विस्तार के लिए वार्ड एवं पंचायत कमेटियों के गठन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

प्रदेश प्रभारी की बैठकों में साफ संदेश

बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर समितियों के गठन की विस्तृत कार्ययोजना पर गहन चर्चा की गई। इसके साथ ही आगामी संगठनात्मक गतिविधियों, जनसंपर्क अभियानों एवं संगठन की मजबूती को लेकर रणनीतिक दिशा पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की वास्तविक ताकत उसका जमीनी संगठन है। ग्राम और वार्ड स्तर पर मजबूत समितियां ही लोकतंत्र को मजबूती देंगी और आम जनता की आवाज को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने का कार्य करेंगी। उन्होंने सभी जिलाध्यक्षों और ब्लॉक अध्यक्षों से संगठनात्मक जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा, सक्रियता और समर्पण के साथ निभाने का आह्वान किया।

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