बालाघाट डबल मनी घोटाला: 1450 करोड़ की उगाही पर ED का शिकंजा, चार्जशीट दाखिल
पैसा जल्दी दोगुना करने का लालच देकर बालाघाट जिले की जनता से करीब 1450 करोड़ रुपये समेटने वाले ‘डबल मनी’ नेटवर्क पर अब कार्रवाई निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस बहुचर्चित घोटाले में आरोपियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए कोर्ट में आरोप पत्र पेश कर दिया है, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है. ईडी के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने अजय तिडके और उनके साथियों के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत विशेष पीएमएलए न्यायालय, जबलपुर में अभियोजन शिकायत दायर की है। कोर्ट ने मामले में आरोपियों को पूर्व-संज्ञान सुनवाई के लिए नोटिस भी जारी कर दिए हैं।
तीन FIR से खुला घोटाले का पूरा जाल
ईडी की यह जांच बालाघाट जिले के लांजी और किरनापुर थानों में दर्ज तीन एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। ये एफआईआर अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध (बड्स) अधिनियम, 2019 और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में दर्ज की गई थीं. जांच आगे बढ़ी तो साफ हुआ कि मामला सिर्फ ठगी का नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग का है।
छह महीने चला ‘गारंटीड रिटर्न’ का खेल
ईडी की पड़ताल में सामने आया कि अजय तिडके और उसके सहयोगियों ने करीब छह महीने तक ‘डबल मनी’ योजना चलाई। आम लोगों को कम समय में पैसा दोगुना होने का भरोसा दिलाया गया. यही नहीं, निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए सुरक्षा के नाम पर पोस्ट डेटेड चेक भी दिए गए, जिससे लोगों को योजना पूरी तरह सुरक्षित लगती रही। बाद में यही भरोसा सबसे बड़ा धोखा साबित हुआ।
4.48 करोड़ की संपत्तियां पहले ही कुर्क
जांच के दौरान ईडी, भोपाल ने अस्थायी कुर्की आदेश जारी कर अब तक 4.48 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। इसमें 2.98 करोड़ रुपये की 25 अचल संपत्तियां और करीब 1.50 करोड़ रुपये की चल संपत्तियां शामिल हैं. इसके अलावा महेश तिडके, अजय तिडके, टिडके ब्रदर्स और उनसे जुड़ी अन्य संस्थाओं की संपत्तियों को भी केंद्र सरकार के माध्यम से जब्त कराने की प्रक्रिया चल रही है।
दिवंगत इंजीनियर की संपत्तियां भी ईडी के रडार पर
एक अन्य मामले में ईडी, भोपाल जोनल ऑफिस ने धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत स्वर्गीय वैद्य प्रकाश श्रीवास्तव और उनकी पत्नी विभा श्रीवास्तव की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है. इसमें दो आवासीय फ्लैट और 22 चल संपत्तियां शामिल हैं, जिनमें करीब 1.58 करोड़ रुपये की एफडी और बैंक बैलेंस है.यह कार्रवाई सीबीआई, एसीबी जबलपुर द्वारा दर्ज उस एफआईआर के आधार पर की गई, जिसमें स्व. वैद्य प्रकाश श्रीवास्तव पर पश्चिमी रेलवे, राजकोट डिवीजन में डिवीजनल इंजीनियर रहते हुए पद का दुरुपयोग कर अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। इस केस में अपराध से अर्जित आय करीब 1.66 करोड़ रुपये आंकी गई है।
अब निगाहें कोर्ट की अगली सुनवाई पर
डबल मनी घोटाले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब सबकी निगाहें पीएमएलए कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं। हजारों निवेशकों को अपने पैसे की उम्मीद है, वहीं जांच एजेंसियां बाकी संपत्तियों की पहचान और कुर्की की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।