CTET 2026 exam: शिक्षक बनने का सपना लिए 200KM दूर से भोपाल पहुंचे अभ्यर्थी

शिक्षक बनने का सपना लिए परीक्षा देने के लिए परीक्षार्थी 200 किमी दूर से एग्जाम सेंटर पहुंचे। केंद्रीय स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए भोपाल में भी सीटेट परीक्षा हुई।

Update: 2026-02-07 16:20 GMT

भोपाल। देशभर में शनिवार से सीबीएसई की सीटेट( CTET) यानी शिक्षक बनने वाली परीक्षा शुरू हो चुकी है। रविवार को भी आयोजित इस परीक्षा में 200 किमी दूर से परीक्षार्थी आए। खासकर महिला परीक्षार्थी अपने बच्चों और पतियों के साथ तो कोई अपनी सास को लेकर परीक्षा देने राजधानी आई।

इस परीक्षा में शामिल होने भोपाल के लगभग 30 परीक्षा केंद्रों पर नर्मदापुरम, बैतूल, मुलताई, पिपरिया आदि से करीबन 50 हजार परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं।

पति बच्चों के साथ पहुंची एग्जाम सेंटर

शनिवार को आयोजित पेपर के पहले दिन बड़ी संख्या में प्रतिभागी सेंटरों पर पहुंचे। भेल के हेमा स्कूल स्थित केंद्र पर बैतूल, मुलताई के परीक्षार्थी पहुंचे। इसमें महिलाएं अधिक संख्या में थी, जोकि छोटे-छोटे बच्चों को लेकर पति के साथ शिक्षक बनने आई। परीक्षा के बाद बाहर आए प्रतिभागियों ने पूछे गए प्रश्न पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं दी।

भोपाल में दूसरे दिन 140 केंद्रों पर होगी एग्जाम

शिक्षक बनने का सपना लिए इन प्रतिभागियों ने बताया कि परीक्षा ऑफलाइन मोड में हुई, जिसमें छात्रों को ओएमआर शीट पर गोले भरकर उत्तर देने पड़े। बता दें कि यह परीक्षा दो पालियों 9.30-12.00 और 2.30 - 5.00 में आयोजित की जा रही है। उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड और फोटो आईडी के साथ समय पर केंद्र पर पहुंचना आवश्यक है। रविवार को भी परीक्षा उक्त समय पर ही भोपाल सहित विभिन्न शहरों में 140 केंद्रों पर होगी।

परीक्षार्थियों ने बताया ये

- बैतूल से आई अभ्यर्थी पूजा ने बताया कि प्रश्न पत्र का लेवल हाई नहीं था, न ही सरल था। एग्जाम मॉडरेट था। पेपर 150 प्रश्नों का था, यदि प्रश्नों की समझ अच्छी रही होगी, तब बेहतर नंबर मिल सकते हैं। पेपर की शुरुआत सरल प्रश्नों से हुई थी, लेकिन बीच में थोड़े कठिन प्रश्न आए थे। इसी कारण जल्दी-जल्दी प्रश्नों को हल करना पड़ा।

- सिवनी मालवा से आई प्रतिभागी ने बताया कि पेपर काफी अच्छा था। अंडरस्टैंडिंग और तार्किक प्रश्न पूछे गए, जिन्होंने समझ कर पेपर किया होगा, उनका पेपर अच्छा ही गया होगा। इंग्लिश का पैसेज काफी लॉन्ग था। इसके कारण कई स्टूडेंट्स को दिक्कत गई। इसके अलावा थोड़े प्रश्न मैथ्स के कठिन आए थे, हालांकि, परीक्षा काफी अच्छा गया है।

- नर्मदापुरम के राजेश ने बताया कि बाल विकास के प्रश्न पूछे गए थे, जो बता सके कि बच्चों को क्या पढ़ाना चाहिए. किस तरीके से पढ़ाना चाहिए। जैसे एक प्रश्न आया था, अधिकांश बच्चे 5-6 सुसंगत वाक्य कब बोल सकते हैं? इसके अलावा विकास संज्ञानात्मक प्रश्न पूछे गए।

मोबाइल और स्मार्ट वॉच रखवाए बाहर

परीक्षा में स्टूडेंट्स को मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच कैलकुलेटर सहित ब्लूटूथ डिवाइस आदि बाहर रखवाया गया। परीक्षार्थी भी रिपोर्टिंग टाइम में ही परीक्षा केंद्र पहुंचे। देरी से आने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया। ओएमआर शीट में गोले भरने के लिए नीले और काले पेन का इस्तेमाल किया।

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