दस पिस्टल और कारतूस बरामद
ग्वालियर/न.सं.। अपराध शाखा ने एक बार फिर बस स्टैण्ड से अवैध हथियारों के साथ तस्कर को उस समय दबोच लिया जब वह हथियारों को बाहर से खरीदकर लाने के बाद बेचने जा रहा था। पकड़े गए तस्कर के पास से दस पिस्टल, मैग्जीन और कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सेंधवा से एक तस्कर अवैध हथियार लेकर ग्वालियर बस स्टैण्ड आ रहा है। सूचना मिलते ही अपराध शाखा की टीम बस स्टैण्ड पर तैनात हो गई। जैसे ही बस से संदिग्ध युवक उतरा पुलिस ने उसे पकड़कर बैग की तलाशी ली तो उसके पास से अवैध हथियार मिले। पुलिस को देवेन्द्र उर्फ देवा पुत्र श्रीराम सिंह जादौन निवासी चन्द्रपुरा गोरमी भिण्ड के पास से दस पिस्टल, छह मैग्जीन और कारतूस मिले। पूछताछ के दौरान देवेन्द्र ने बताया कि वह सेंधवा से 15-15 हजार रुपए में यह हथियार खरीदकर लाया था, जिन्हें वह भिण्ड में 30-30 हजार रुपए में बेचने जा रहा था। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर हथियार कहां से लाया था उस संबंध में पूछताछ प्रारंभ कर दी है।
बस स्टैण्ड है हथियार तस्करों का अड्डा
पुलिस को बस स्टैण्ड पर हथियार तस्कर को पकड़ने में पहली बार सफलता नहीं मिली है। इससे पहले भी पुलिस कई बार बस स्टैण्ड से ही हथियारों के तस्करों को पकड़ चुकी है। यह समझ से परे है कि अवैध हथियार लाने वाले बस स्टैण्ड पर ही क्यों मिलते हैं।
इतनी मात्रा में कहां खपाए जा रहे हथियार
पुलिस हथियार पकड़ने के बाद खरगौन, इंदौर और अब सेंधवा का नाम बता रही है कि तस्कर वहां से हथियार लेकर आया है। पुलिस ने आज तक उन बदमाशों को नहीं पकड़ा है जो ग्वालियर के रास्ते हथियार भेजते हैं। हथियार कहां बनाए जाते है और उसका मास्टर माइंड कौन है आदि कई प्रश्न है कि लेकिन सब अंधेरे में है। अपराध शाखा के तेज तर्रार अधिकारियों ने खरगौन, सेंधवा जाकर पता लगाने का क्यों प्रयास नहीं किया।