ग्वालियर/न.सं.। जल विहार के इटालियन गार्डन में 1.47 करोड़ रुपए खर्च कर लगाया सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बेकार साबित हो रहा है। यह प्लांट दो महीने में भी स्वर्ण रेखा के बोट क्लब को साफ पानी से नहीं भर पाया है। गत 19 जनवरी को महापौर विवेक शेजवलकर और विधायक मुन्नालाल गोयल ने प्लांट चालू किया था। जबकि हर दिन प्लांट को 250 एमएलडी साफ पानी स्वर्ण रेखा में डालना है। पानी नहीं पहुंचने से स्वर्ण रेखा में बोटिंग की योजना लटक गई है। प्लांट से गंदे पानी आते रहने पर उसके पूरी तरह से तैयार न होने का हवाला देकर अधिकारियों ने प्लांट को 17 दिन बंद रखा गया। लेकिन 5 वर्ष के संधारण की करने वाली कंपनी ने पुन: प्लांट चालू करने के बाद फिर से गंदा पानी आ रहा है। शनिवार की दोपहर संवाददाता जब बोट क्लब पर पहुंचा तो साफ पानी फेंकने वाले पाइप से पानी आ रहा था।
सौंदर्यीकरण पर दो करोड़ खर्च, गंदा पानी रोक नहीं पाए
हैरिटेज सर्किट में शामिल बैजाताल के सौंदर्यीकरण पर 2 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। चारों ओर लाल पत्थर लगाकर पार्क बनाया गया है। पेवर्स टाइल्स भी लगाए गए हैं, लेकिन बैजाताल में आने वाले सीवर के पानी को रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किया गया। बैजाताल के पास संभागीय आयुक्त का दफ्तर है। निगमायुक्त और पर्यटन विभाग के इंजीनियर एक-दूसरे पर टाल जाते हैं।