पर्यावरण को बचाने के लिए जलाएंगे कंडों की होली

Update: 2019-03-19 18:44 GMT

विशेष मुहूर्त में आज होगा होलिका दहन, कल खिलेगी होली

ग्वालियर/न.सं.। होली का त्यौहार एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह त्यौहार हिन्दू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसी क्रम में होलिका दहन 20 मार्च और होली 21 मार्च को खेली जाएगी। पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास के अध्यक्ष हरीदास अग्रवाल ने कहा कि वृक्ष मानव समाज को ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। यह पेड़-पौधे समाज को ऑक्सीजन देकर सभी की प्राण रक्षा करते हैंं। हमें इन वृक्षों का सरंक्षण करने हेतु होलिका दहन में लकड़ी का उपयोग नहीं करना चाहिए। अत: सभी लोग कंडों की होली जलाएं और वातावरण को शुद्ध रखें। श्री अग्रवाल ने कहा कि इस वर्ष अचलेश्वर महादेव मंदिर पर गाय के गोबर से निर्मित डेढ़ क्विंटल कण्डों की होली जलाई जाएगी। यह कण्डे शहर की गौ-शालाओं लाए जाएंगे। शहर में कण्डों की होली जलाने के लिए न्यास द्वारा दो गाडिय़ां चलाई जा रही हैं, जो लोगों को कण्डों की होली जलाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

25 मार्च को मनेगी रंगपंचमी

न्यास के सचिव भुवनेश्वर वाजपेयी ने कहा कि रंग पंचमी का त्यौहार 25 मार्च को मनाया जाएगा। इस हेतु सुबह 11.30 बजे रंगपंचमी की यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से धूमधाम से निकाली जाएगी। इस यात्रा में भगवान भोलेनाथ सनातन धर्म मंदिर, राम मंदिर एवं गिर्राज मंदिर पर जाकर होली खेलेंगे। इस यात्रा में डीजे आदि नहीं बजाए जाएंगे। इस यात्रा में केवल ढ़ोल-ताशे ही रहेंगे।

भद्रा काल में कदापि नहीं करें होलिका दहन

ज्योतिषाचार्य डॉ. एच.सी. जैन ने बताया कि भद्रा काल में होलिका दहन कदापि नहीं करें। ऐसा करने से समाज व देश में अनेक प्रकार के उपद्रव, हानियां, भय-पीड़ा आदि का वातावरण बनता है। भद्रा योग प्रात: 10.45 से रात्रि 08.59 तक का है।

राशि के अनुसार करें रंगों का प्रयोग

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि इस होली पर राशि के अनुसार इन रंगों का प्रयोग करें।

मेष- लाल, गुलाबी एवं पीला

वृष- सफेद

मिथुन- हरा

कर्क- सफेद

सिंह- लाल, गुलाबी एवं पीला

कन्या- हरा

तुला- सफेद

वृश्चिक- पीला, गुलाबी एवं लाल

धनु- पीला

मकर- नीला एवं हरा

 कुंभ- नीला एवं हरा

मीन- पीला

सोनागिर में पहुँंचेंगे 15 हजार दर्शनार्थी, रूकेंगी चार ट्रेनें

दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र सोनागिर संरक्षित कमेटी (न्यास) के तत्वावधान में दिगंबर सिद्धक्षेत्र सोनागिर में वार्षिक मेला का आयोजन 21 से 25 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। जिसमें मेले में कोने-कोने से जैन धर्मावलंबी पहुँंचेंगे। मेले में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस मेले में देश के कोन-कोने से 15 से 20 हजार श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचेंगे। जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि 21 मार्च से शुरू होने वाले सोनागिर मेले के लिए सोनागिर स्टेशन पर 26 मार्च तक चंबल एक्सप्रेस, बुलेन्दखण्ड एक्सप्रेस, लिंक एक्सप्रेस एवं उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस विशेष रूप से रूकेंगी। वही पठानकोट एक्सप्रेस, छतीगढ़ एक्सप्रेस एवं पेंसीजर स्थाई रूप से रूकती हैं। मध्यप्रदेश की डिपो बसें सोनागिर तिराहे पर यात्रियों की सुविधाओं के लिए रूकेंगी।

पांच दिवसीय मेले मे निकलेंगी रथ यात्राएं

पांच दिवसीय मेले में प्रतिदिन जिनालयों से भगवान चंद्रप्रभु की रथयात्राएं निकाली जाएंगी। पांच दिवसीय मेले में तेरहपंथी कोठी, बीस पंथी कोठी, मोह वाली कोठी, भिंड वाले मंदिर एवं खरौआ समाज द्वारा रथयात्राएं निकाली जाएंगी। रथयात्रा मंदिरों से शुरू होकर विशाल धर्मशाला में पहुंच कर कलषाभिषेक होकर वापस मदिंर मे पहुंचकर संपन्न होंगी।      

Similar News