विकास कार्यों का मामला भोपाल तक पहुंचा
ग्वालियर/न.सं.। स्मार्ट सिटी योजना में शामिल होने के बाद भी शहर के विकास की गति में पिछडऩे का मामला अब भोपाल तक पहुंच गया है। मामले के तूल पकडऩे के बाद अब स्वंय प्रमुख सचिव संजय श्रीवास्तव 27 मार्च को ग्वालियर आकर शहर में वर्षो से कछुआ गति से चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। प्रमुख सचिव के आने की सूचना मिलते ही निगमायुक्त ने अपने अधिनस्थों को विभिन्न योजनाओं के तहत चल रहे विकास कार्यो की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद से विभाग में हडक़ंप मच गया है।
बताया गया है कि मुख्यमंत्री के पास शहर के विकास कार्यों में पिछडऩे की बात पहुंच चुकी है। शहर को स्मार्ट सिटी योजना में शामिल हुए 3 वर्ष बीत जाने के बाद भी शहर में कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है। पेयजल संकट हो या यातायात की समस्या अथवा अन्य जन समस्याएं सभी बंद पड़ी है। जिला प्रशासन तथा नगर निगम विकास कार्यों के नाम पर केवल ढिढ़ोरा पीट रहा है। प्रदेश सरकार में शहर के मंत्री भी इस मामले में अधिकारियों की राम कहानी सुनकर तंग आ चुके है। विकास कार्यों का यह मामला अब भोपाल तक पहुंच चुका है। जिसके चलते 27 मार्च को प्रमुख सचिव श्री श्रीवास्तव खुद ग्वालियर आकर विकास कार्य देखेंगे।
बैठक में सभी अधिकारियों को फटकारा
मामला भोपाल तक पहंचने के बाद जब निगमायुक्त को पता चला कि प्रमुख सचिव ग्वालियर आ रहे हैं तो उन्होंने बीते रोज ही स्मार्ट सिटी, अमृत, स्वच्छता अभियान, चंबल से पानी लाने की योजना को पूरा करने में लगे अधिकारियों की क्लास लगा डाली। उन्होंने अधिकारियों से दो टूक शब्दों में कहा कि अब इसमें लापरवाही बर्दास्त नहीं होगी।
इनको करनी थी जांच
♦ डीके गुप्ता, उपयंत्री, जलप्रदाय
♦ बलवीर सिहं सिकरवार, उपयंत्री जल प्रदाय
♦ आरके शुक्ला, कार्यपालन यंत्री, जलप्रदाय
♦ शिशिर श्रीवास्तव, उपयंत्री जलप्रदाय
यूआईडीएसएसएमटी में
♦ अजयराज जादौन, प्रभारी सहायक यंत्री, जलप्रदाय
♦ शिशिर श्रीवास्तव, उपयंत्री, जलप्रदाय
♦ डीके गुप्ता, उपयंत्री, जलप्रदाय
मंत्री के आदेश के बाद भी शुरू नहीं हुई जांच
नगर निगम के अधिकारी अब मंत्री के आदेशों की ही अवेहलना करने लगे हैं। मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने एडीबी और अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम फॉर स्मॉल एंड मीडियम टाउन्स योजना की जांच करने के निर्देश दिए थे। जिस पर निगमायुक्त ने जांच के लिए दो टीमों का गठन किया था। 20 मार्च तक दोनों टीमों को जांच पूरी करनी थी, लेकिन 8 दिन की समय गुजरने के बाद भी अधिकारियों ने जांच तक शुरू नहीं की है।
इन कार्यों की करेंगे समीक्षा
प्रमुख सचिव 27 मार्च को ग्वालियर पहुचेंगे। जहां वह स्मार्ट सिटी, अमृत जैसी योजनाओं में प्रगति की समीक्षा करेंगे। प्रमुख सचिव के आने खबर के बाद देर रात तक सभी अधिकारी अपने दस्तावेजों को तैयार करते हुए दिखाई दिए।