बाद में अनुवाद करवाकर छात्रों में बांटा
ग्वालियर/न.सं.। जीवाजी विश्वविद्यालय के परीक्षा भवन में बीकॉम प्रथम वर्ष की परीक्षा 9 से 12 बजे की पाली में आयोजित हुई। परीक्षा भवन में परीक्षार्थी प्रश्न पत्र को देखकर भडक़ गए और हंगामा मचाना शुरू कर दिया। जब केन्द्राध्यक्ष ने उनसे परेशानी जानी तो छात्रों ने बताया कि पूरा का पूरा प्रश्न पत्र अंगे्रजी में आया है। केन्द्राध्यक्ष ने छात्रों की समस्या से परीक्षा नियंत्रक को अवगत कराया। इस पर परीक्षा नियंत्रक ने उप कुलसचिव को परीक्षा भवन में भेजा और प्रश्न ट्रांसलेट करके छात्रों की समस्या हल की।
जीवाजी विवि के परीक्षा भवन में सुबह 9 से 12 बजे की पाली में बीकॉम प्रथम वर्ष की परीक्षा आयोजित हुई। परीक्षा में 763 परीक्षार्थियों को भाग लेना था, लेकिन 42 परीक्षार्थी परीक्षा में उपस्थित ही नहीं हुए। परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया। जब केन्द्राध्यक्ष ने उनसे परेशानी जानी तो विद्यार्थियों ने बताया कि पूरा का पूरा प्रश्न पत्र अंग्रेजी में है। यह सुन केन्द्राध्यक्ष ने इसकी सूचना परीक्षा नियंत्रक डॉ. आरकेएस सेंगर को दी। परीक्षा नियंत्रक ने उप कुलसचिव डॉ.राजीव मिश्रा को परीक्षार्थियों की समस्या हल करने के निर्देश दिए। इस पर डॉ. मिश्रा परीक्षा भवन पहुंचे और प्रश्न पत्र को ट्रांसलेट कर परीक्षार्थियों की समस्या को हल किया। वहीं एक छात्रा गाईड के पन्नों से नकल कर रही थी। जिसे केन्द्राध्यक्ष डॉ. सुशील मंडेरिया ने नकल करते हुए पकड़ लिया और नकल प्रकरण बना दिया। केन्द्राध्यक्ष के दौरान नकल प्रकरण बनाने के बाद छात्रों में दहशत उत्पन्न हो गई। जिससे उनके नकल करने के मसूबों पर पानी फिर गया।
शिविर लगाकर निपटाई जा रहीं छात्रों की समस्या
सहायक कुलसचिव अभयकांत मिश्रा ने बताया कि विवि के छात्र सहायता केन्द्र के माध्यम से बीएससी-18, बीए-16 एवं स्नात्तकोत्तर की 20 अंकसूची छात्रों को दी गईं । वही मंगलवार को विवि के द्वारा महाविद्यालयों को 185 अंकसूची भेजी गई, इसके अतिरिक्त उपाधि शाखा के द्वारा भी 40 उपाधि छात्रों के घर पर डाक के माध्यम से भेजी गई हैं।