खुफिया रिपोर्ट ने उड़ाई अधिकारियों की नींद

Update: 2019-03-20 16:21 GMT

भोपाल/प्रशासनिक संवाददाता। नेताओं द्वारा एक-दूसरे पर की जा रही टीका-टिप्पणी, तनातनी, हर हाल में सभी लोकसभा सीटों पर फतह के लिए किए जा रहे ताबड़तोड़ प्रयास को देखते हुए खुफिया रिपोर्ट ने पुलिस विभाग को अलर्ट किया है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में लोकसभा चुनाव के राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव हो सकता है, इस कारण सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव की अपेक्षा लोकसभा चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से कराना पुलिस के लिए चुनौती साबित होगी। विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच घमासान हो सकता है। प्रमुख दोनों दल भाजपा और कांग्रेस में सीधा मुकाबला है तो उप्र के सीमावर्ती क्षेत्रों में बसपा का प्रभाव रहेगा। इस कारण चुनाव के दौरान पूरी सतर्कता बरती जाए, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो। प्रदेश में चुनाव के दौरान बाहरी तत्वों को रोकने के लिए भी विशेष इंतजाम करने को कहा गया है। साथ ही प्रदेश में आपराधिक तत्वों के खिलाफ लगातार कार्यवाही की जाए और ऐसे तत्वों पर नजर रखी जाए।

पैरा मिलिट्री के 12 हजार जवान मिलेंगे

चुनाव के लिए पैरा मिलिट्री के करीब 12 हजार जवान मिलने की उम्मीद है। छग में चुनाव कराने के बाद वहां से इन जवानों को सीधे मप्र भेजा जाएगा। इधर प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों में सीआईएसएफ और सीआरपीएफ के जवानों को फ्लैग मार्च में लगाया जा रहा है। इन बटालियनों की 19 कंपनी दस जिलों में चुनाव तक तैनात रहेंगी। फिलहाल 13 कंपनी के जवानों को जिलों में भेज दिया गया है और सीआईएसएफ की 6 कंपनी शीघ्र आने वाली हैं। प्रदेश के ऐसे संवेदनशील माने जाने वाले दस जिलों में ये जवान मोर्चा संभालेंगे।

नाकों पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे

चुनाव के दौरान प्रदेश में बाहरी असामाजिक तत्वों की रोकथाम के लिए इस बार विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश की सीमा में अन्य राज्यों से ऐसे तत्वों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस संबंध में सभी पड़ोसी राज्यों के पुलिस अधिकारियों की अंतर्राज्यीय समन्वय समिति ने निर्णय लिया है। साथ ही हर नाके पर वाहनों की कड़ाई से जांच की जाएगी। प्रावधानों से अधिक नगद राशि बगैर वाजिब दस्तावेजों के निकलने नहीं दी जाएगी। पुलिस अधिकारी सीमाओं पर अन्य राज्यों के अधिकारियों के साथ संयुक्त सर्चिंग करेंगे। यह भी तय किया गया है कि खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान जरूर करें, जिससे तत्परता से और प्रभावी कार्रवाई की जा सके। चुनाव में बाधा डालने का प्रयास करने वाले आपराधिक तत्व बच नहीं पाएंगे। यह भी तय किया गया कि विभिन्न राज्यों को छूने वाली मप्र की सभी सीमाओं पर कड़ी निगरानी रखी जायेगी। समीपवर्ती राज्य आपराधिक तत्वों की सूची को साझा करेंगे और अभियान बतौर अपराधियों की धरपकड़ की जाएगी। इस संबंध में प्रदेश की सीमावर्ती महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उप्र, राजस्थान तथा गुजरात के पुलिस अधिकारियों के प्रदेश के आला अफसरों की साझा रणनीति बन गई है।

साइबर क्राइम सेल रखेगा नजर

सूत्रों के मुताबिक साइबर क्राइम सेल सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखकर भड़काऊ खबरें प्रसारित करने वालों से भी सख्ती से निपटेगी। ऐसे मामलों में साइबर सेल तत्काल अपराध दर्ज करेगी। इसके लिए साइबर सेल में विशेष टीम को लगाया जाएगा। सभी संभागीय इकाइयों को इस संबंध में निर्देशित कर दिया गया है, ताकि चुनाव के दौरान किसी तरह के विवाद के हालात न बन सकें।

इनका कहना है

प्रदेश में शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव कराने के लिए अपराधी तत्वों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। सीमावर्ती राज्यों के पुलिस अफसरों से सीमाओं पर संयुक्त सर्चिंग करने, अपराधी तत्वों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के संबंध में चर्चा हो चुकी है।

-कैलाश मकवाना, एडीजी, इंटेलिजेंस

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