Breaking News
  • राहुल राजस्थान से करेंगे पेपरलीक के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत, 17 जून को कोटा में स्टूडेंट सम्मेलन
  • भारतीय मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम का टेस्ट कामयाब: 5000km से आ रही मिसाइल को मार गिराएगा
  • फ्रैंकफर्ट से हैदराबाद आ रही लुफ्थांसा की फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी
  • अभिषेक बनर्जी के घर रात 3 बजे पुलिस की रेड: चार घंटे तक तलाशी
  • असम: वायुसेना विमान हादसे में पांच जवान शहीद, जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हुआ था AN-32 मालवाहक

होम > प्रदेश > मध्य प्रदेश

संघ का संकल्प हर हिंदू तक पहुंचेगा

मंडल-बस्ती को धुरी व शाखा को आधार बनाकर प्रत्येक हिंदू तक पहुंचेगा संघ का संकल्प

मालवा प्रांत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक के दौरान, संघ ने हर हिंदू तक अपने विचार पहुंचाने का संकल्प लिया है, जिसमें मंडल और शाखा को धुरी और आधार बनाया गया है।


मंडल-बस्ती को धुरी व शाखा को आधार बनाकर प्रत्येक हिंदू तक पहुंचेगा संघ का संकल्प

प्रांत संघचालक डॉ. प्रकाश शास्त्री व प्रांत कार्यवाह विनीत नवाथे ने किया मालवा प्रांत की वार्षिक प्रांत बैठक का शुभारंभ

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना शताब्दी वर्ष में मंडल-बस्ती को धुरी बनाकर और शाखा-बस्ती को आधार बनाकर प्रत्येक हिंदू तक संघ विचार पहुंचाने, समाज की सज्जन शक्ति को अपने कार्य से जोड़ने तथा प्रत्येक ग्राम-मोहल्ले में सक्रिय हिंदू टोली का निर्माण करने का लक्ष्य संघ ने लिया है। पिछले वर्ष मार्च माह में ही वृहद शाखा बैठकों के माध्यम से पंच परिवर्तन के संकल्प को स्वयंसेवकों, शाखाओं और परिवारों का संकल्प बनाने के प्रयत्न प्रारंभ हुए थे।

यह बात रतलाम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मालवा प्रांत की बैठक के उद्घाटन सत्र में मालवा प्रांत के प्रांत कार्यवाह विनीत नवाथे ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कही।बैठक में संघ के अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते भी उपस्थित रहे। बैठक शुक्रवार, 12 जून की शाम से प्रारंभ हुई, जो रविवार, 14 जून की शाम तक चलेगी।प्रांत के 1359 ग्रामीण मंडलों में से 1269 मंडल शाखायुक्त हैं, जबकि शेष 90 मंडल साप्ताहिक मिलन या मासिक मंडलीयुक्त हैं। 23 ग्रामीण जिलों में से 17 पूर्ण जिले तथा 138 खंडों में से 96 पूर्ण खंड हैं। प्रांत के 12 हजार 885 ग्रामों में से 6 हजार 509 ग्राम कार्ययुक्त हैं।41 महानगरीय नगर शाखायुक्त हैं, जबकि 117 अन्य नगरों में से 116 शाखायुक्त हैं। प्रांत की 968 बस्तियों में से 953 बस्तियां शाखा अथवा मिलनयुक्त हैं। इस वर्ष प्रांत में 246 शाखा स्थानों की वृद्धि हुई है और कुल 3 हजार 292 शाखा स्थान हैं।

विजयादशमी उत्सव से संघ शताब्दी वर्ष की शुरुआत

संघ शताब्दी वर्ष का प्रारंभ विजयादशमी उत्सव और संचलन के साथ हुआ। प्रांत में कुल 1 हजार 472 संचलनों में 45 हजार 75 स्वयंसेवक सहभागी हुए। इन संचलनों में 1 हजार 333 मंडलों और 969 बस्तियों का प्रतिनिधित्व रहा। प्रांत के 166 नगरों में से 142 नगरों में बाल संचलन आयोजित हुए, जिनमें 34 हजार 878 बाल स्वयंसेवक सम्मिलित हुए। संघ के विचार घर-घर पहुंचाने हेतु प्रांत के 12 हजार 246 ग्रामों और 969 बस्तियों में गृह संपर्क के माध्यम से स्वयंसेवक 32 लाख परिवारों तक पहुंचे।

ग्रामीण क्षेत्र के 20 लाख घरों में दिया भारत माता का चित्र

स्वयंसेवकों ने प्रत्येक घर में संपर्क पत्रक और स्टीकर वितरित किए तथा ग्रामीण क्षेत्रों के 20 लाख घरों में भारत माता का चित्र दिया।प्रांत के सभी 112 खंडों और 59 नगरों में आयोजित सामाजिक सद्भाव बैठकों में 462 महिलाओं सहित 10 हजार 840 समाजजनों की सहभागिता रही। प्रांत स्तरीय सामाजिक सद्भाव बैठक में 111 समाजों के 285 प्रमुख जनों को पूजनीय सरसंघचालकजी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। विभिन्न सम्मेलनों में 20 लाख 87 हजार 87 परिवारों तथा 68 लाख 55 हजार 559 समाजजनों को संतों का आशीर्वाद प्राप्त हुआ।

108 स्थानों पर आयोजित की गई प्रमुख जन गोष्ठियां

कुल 108 स्थानों पर आयोजित 154 गोष्ठियों में 2 लाख 20 हजार 639 समाजजन सम्मिलित हुए। प्रांत स्तरीय प्रमुख जन गोष्ठी में सरकार्यवाह जी का मार्गदर्शन 890 प्रमुखजनों को प्राप्त हुआ। युवा कार्यक्रमों के अंतर्गत 439 बस्तियों में शाखाएं तथा 121 नगरों में राष्ट्र साधना एकत्रीकरण आयोजित किए गए, जिनमें 5 हजार 736 स्वयंसेवक उपस्थित रहे। 276 परिसरों में सितंबर माह में परिसर व्याख्यान संपन्न हुए। 20 स्थानों पर आयोजित समर्थ राष्ट्र दौड़ में 3 हजार 460 युवाओं ने सहभागिता की। 171 युवा संगम कार्यक्रमों में 72 हजार 314 युवा तथा युवा शिविरों में 1 हजार 336 युवा सम्मिलित हुए।

Related to this topic: