बहराइच की मटेरा रैली में ओवैसी ने 2027 चुनाव का शंखनाद किया। उन्होंने क्षेत्रीय राजनीति, एनकाउंटर नीति और बदलाव की जरूरत पर सरकार को घेरा और AIMIM उम्मीदवार के समर्थन की अपील की।
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बहराइच की मटेरा विधानसभा में बड़ी जनसभा कर चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया। शंकरपुर चौराहे पर हुई इस रैली में उन्होंने सीधे तौर पर स्थानीय राजनीति और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। भीड़ को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि मटेरा किसी एक परिवार की जागीर नहीं है और अब यहां बदलाव की जरूरत है। उनके भाषण के दौरान समर्थकों में लगातार उत्साह देखने को मिला।
25 साल की राजनीति पर साधा निशाना
ओवैसी ने अपने संबोधन में दावा किया कि पिछले ढाई दशक से एक ही परिवार इस क्षेत्र की राजनीति पर प्रभाव बनाए हुए है, लेकिन आम लोगों की समस्याएं विधानसभा तक नहीं पहुंच पाई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कमजोर और अल्पसंख्यक वर्गों की आवाज लगातार हाशिये पर रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि 2027 में एआईएमआईएम प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली को विधायक बनाकर भेजें ताकि क्षेत्र की समस्याओं को मजबूती से उठाया जा सके।
एनकाउंटर नीति पर उठाए सवाल
अपने भाषण में ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में हो रहे एनकाउंटरों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कई मामलों में निर्दोष लोगों के प्रभावित होने की खबरें सामने आती रही हैं। ओवैसी ने जोर देकर कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में न्याय और समान अवसर हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन वंचित तबकों की आवाज अक्सर दब जाती है।
छह घंटे की देरी के बाद पहुंचे ओवैसी
यह जनसभा दोपहर एक बजे शुरू होनी थी, लेकिन ओवैसी करीब छह घंटे की देरी से शाम सात बजे मंच पर पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थक कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे। उनके पहुंचते ही भीड़ में उत्साह बढ़ गया और जोरदार नारेबाजी के साथ उनका स्वागत किया गया।