मध्य प्रदेश के मुरैना में मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह के बाद बड़ा ट्रेन हादसा हो गया। घबराकर ट्रेन से उतरे यात्री दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में मां-बेटे समेत 4 लोगों की मौत हो गई।
मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में एक अफवाह ने कुछ ही मिनटों में चार परिवारों की जिंदगी बदल दी। उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में मोबाइल ब्लास्ट की खबर फैलते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने की कोशिश में ट्रेन से नीचे उतरे कुछ यात्री दूसरी पटरी पर पहुंच गए, जहां तेज रफ्तार से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। रविवार शाम हुए इस दर्दनाक हादसे में मां-बेटे समेत चार लोगों की मौत हो गई। घटना ने रेलवे सुरक्षा और अफवाहों के खतरनाक असर को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मां-बेटे समेत चार लोगों की गई जान
हादसे में आगरा निवासी आफरीन और उनका चार वर्षीय बेटा असद, मेरठ निवासी कंचन सिंह तथा उत्तर प्रदेश के रुनकता की रहने वाली शकुंतला सिंह की मौत हो गई। सभी यात्री उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में सफर कर रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में मातम पसर गया।
एक अफवाह और मच गई भगदड़
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस हेतमपुर और धौलपुर स्टेशन के बीच अचानक रुक गई थी। ट्रेन में किसी यात्री ने अलार्म चेन पुलिंग कर दी थी। इसी दौरान एक कोच में मोबाइल फटने या आग लगने जैसी अफवाह फैल गई। देखते ही देखते यात्रियों में दहशत फैल गई और कई लोग बिना स्थिति की पुष्टि किए ट्रेन से उतरने लगे।
दूसरी पटरी पर इंतजार कर रही थी मौत
घबराहट में नीचे उतरे कुछ यात्री अप लाइन की ओर चले गए। इसी दौरान फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस तेज रफ्तार से वहां से गुजर रही थी। ट्रैक पर मौजूद यात्रियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और चार लोग ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसा इतना अचानक हुआ कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई दहशत की तस्वीर
बागेश्वर धाम से लौट रही यात्री पूजा ने बताया कि कोच में मोबाइल ब्लास्ट की बात फैलते ही लोग घबरा गए। किसी ने चेन खींच दी और ट्रेन रुकते ही यात्री जल्दबाजी में नीचे उतरने लगे। कुछ लोग दूसरी तरफ की पटरी पर चले गए, जहां से दूसरी ट्रेन गुजर रही थी। कुछ ही सेकंड में हालात भयावह हो गए।
जांच में जुटी रेलवे और पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। मुरैना पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि चेन पुलिंग किसने की और मोबाइल ब्लास्ट की अफवाह कैसे फैली।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह हादसा बताता है कि रेलवे ट्रैक पर उतरना कितना खतरनाक साबित हो सकता है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यात्रियों ने बिना किसी आधिकारिक सूचना के अफवाह पर भरोसा किया और इसी जल्दबाजी ने चार जिंदगियां छीन लीं। अब रेलवे पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
महिला यात्री ने सुनाई पूरी घटना
ट्रेन में मौजूद एक महिला यात्री ने बताया कि अचानक लोगों ने आग लगने की बात कहना शुरू कर दिया। इसके बाद कई यात्री ट्रेन से उतरकर दूसरी तरफ जाने लगे। इसी दौरान सामने से पातालकोट एक्सप्रेस आ गई। महिला के अनुसार हादसे में एक परिवार भी प्रभावित हुआ, जिसमें पति-पत्नी और उनके बच्चे शामिल बताए जा रहे हैं।