जेवर एयरपोर्ट के लिए किसानों की ऐतिहासिक यात्रा, सीएम योगी से मुलाकात, जमीन अधिग्रहण से विकास तक की पूरी कहानी सामने आई।
'कभी जिस जमीन को देने से इनकार हुआ था, आज वही लोग उसी जमीन से उड़ान भरकर विकास की कहानी लिख रहे हैं…' जेवर एयरपोर्ट की यह कहानी सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि भरोसे और बदलाव की तस्वीर बन चुकी है।
25 साल का लंबा इंतजार और एक नई शुरुआत
जेवर (नोएडा) एयरपोर्ट का सपना करीब 25 साल से देखा जा रहा था। कई बार यह परियोजना शुरू होने से पहले ही सवालों और विरोध में उलझती रही। लेकिन सोमवार का दिन अलग था। 172 किसानों का एक दल पहली फ्लाइट से लखनऊ पहुंचा और यह पल अपने आप में ऐतिहासिक बन गया। इस दल में 20 महिला किसान भी शामिल थीं। यात्रा के दौरान और बाद में उनके चेहरों पर उत्साह और एक अलग तरह का गर्व साफ दिख रहा था।
लखनऊ में मुख्यमंत्री से मुलाकात
लखनऊ स्थित 5 कालीदास मार्ग पर मुख्यमंत्री आवास में किसानों और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात हुई। यह मुलाकात औपचारिक नहीं, बल्कि एक संवाद जैसा माहौल लेकर आई। किसानों ने जेवर क्षेत्र में आए बदलावों पर बात की और अपने अनुभव साझा किए। कई किसानों ने कहा कि जो जमीन कभी विवाद का कारण बनी थी, आज वही उनके भविष्य की नींव बन गई है।
सीएम योगी ने साझा किया पुराना अनुभव
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेवर एयरपोर्ट से जुड़ा एक पुराना किस्सा याद किया। उन्होंने बताया कि जब इस परियोजना को कैबिनेट से मंजूरी मिली थी, तो जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तय समय में शुरू नहीं हो पा रही थी। बाद में जब वह खुद किसानों के बीच पहुंचे, तो शुरुआती प्रतिक्रिया सकारात्मक नहीं थी।

'पहले जमीन देने से साफ इनकार था'
सीएम योगी ने बताया कि उस बैठक में लगभग 100 किसानों से चर्चा हुई थी, और शुरुआत में ज्यादातर ने जमीन देने से इनकार कर दिया था। लेकिन उन्होंने किसानों को परियोजना के भविष्य और क्षेत्रीय विकास के बारे में समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि समय और अवसर की भूमिका को समझना जरूरी है, क्योंकि सही समय पर लिया गया फैसला पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल सकता है। इसके बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ी और आज 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि पर पहले चरण का काम पूरा हो चुका है।
जेवर की बदलती पहचान
मुख्यमंत्री ने बातचीत के दौरान यह भी कहा कि कभी जेवर क्षेत्र को अपराध और असुरक्षा के नजरिए से देखा जाता था। शाम होते ही जीवन थम सा जाता था, और बुनियादी सुविधाओं की भी कमी थी। किसानों और स्थानीय लोगों के लिए यह इलाका लंबे समय तक सीमित अवसरों वाला क्षेत्र रहा।
विकास और निवेश की नई तस्वीर
अब हालात बदल चुके हैं। जेवर एयरपोर्ट ने पूरे क्षेत्र की पहचान बदल दी है। जहां पहले सीमाएं थीं, वहां अब संभावनाएं हैं। जहां पहले सन्नाटा था, वहां अब गतिविधियों की हलचल है। सीएम योगी ने बातचीत में यह भी कहा कि यह इलाका अब वैश्विक निवेश और बड़े अवसरों का केंद्र बनता जा रहा है। किसानों ने भी इस बदलाव को अपने अनुभवों के जरिए महसूस किया।
किसानों की बातचीत और बदलता नजरिया
मुलाकात के दौरान किसानों ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। कई लोगों ने बताया कि शुरुआत में उन्हें जमीन अधिग्रहण को लेकर चिंता थी, लेकिन धीरे-धीरे विकास के असर ने सोच बदल दी। कृषि, ग्रामीण विकास और रोजगार के मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। किसानों ने कहा कि अब क्षेत्र में उम्मीदें पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गई हैं।