ग्वालियर के तिघरा डैम में पिकनिक मनाने गए GRMC के दो MBBS छात्र डूब गए। एक छात्र का शव मिला है और दूसरे की तलाश जारी है।
गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) के दो एमबीबीएस छात्र शनिवार शाम ग्वालियर के तिघरा डैम में डूब गए। हादसे में एक छात्र का शव बरामद कर लिया गया है, जबकि दूसरे छात्र की तलाश के लिए SDRF, पुलिस और स्थानीय गोताखोरों की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।घटना तिघरा डैम के कच्ची पार क्षेत्र में हुई, जहां आम लोगों के जाने पर प्रतिबंध है। बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं का एक समूह यहां पिकनिक मनाने पहुंचा था।
8 छात्रों का ग्रुप पिकनिक मनाने पहुंचा था
जानकारी के अनुसार GRMC के 8 छात्र-छात्राओं का समूह तिघरा डैम घूमने गया था। ग्रुप में 4 छात्र और 4 छात्राएं शामिल थीं। सभी बोट क्लब से करीब 3 किलोमीटर दूर कच्ची पार इलाके में पहुंचे थे।इसी दौरान बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी आयुष श्रीवास्तव और सागर जिले के बीना निवासी गोपाल अग्रवाल पानी में उतरे। कुछ ही देर बाद दोनों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।
40 से 50 फीट गहरे पानी में समा गए दोनों छात्र
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों छात्रों का पैर फिसल गया, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे डैम के गहरे हिस्से में चले गए। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां पानी की गहराई 40 से 50 फीट तक है।जब काफी देर तक दोनों छात्र वापस नहीं लौटे तो साथियों ने उनकी तलाश शुरू की।
किनारे पर मिले जूते और कपड़े
छात्रों की खोजबीन के दौरान डैम के पथरीले किनारे पर दोनों के जूते और कपड़े व्यवस्थित तरीके से रखे मिले। इसके बाद साथियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही तिघरा थाना पुलिस, सीएसपी कृष्णपाल सिंह और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। SDRF और स्थानीय गोताखोरों को रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया।
एक छात्र का शव बरामद, दूसरे की तलाश जारी
रातभर चले सर्च ऑपरेशन के दौरान गोपाल अग्रवाल का शव बरामद कर लिया गया। वहीं दूसरे छात्र आयुष श्रीवास्तव की तलाश रविवार सुबह से लगातार जारी है। रेस्क्यू टीम को डैम की अत्यधिक गहराई, कीचड़ और चट्टानी संरचना के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।सीएसपी कृष्णपाल सिंह ने बताया कि दोनों छात्रों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। पुलिस और SDRF की संयुक्त टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है और दूसरे छात्र की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रतिबंधित क्षेत्र में जाने पर उठे सवाल
हादसे के बाद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि छात्र डैम के उस हिस्से तक कैसे पहुंच गए, जहां आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित है। प्रशासन अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है।