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फराज के खिलाफ एटीएस की जांच

रिमांड में खुलासा : इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री का जानकार निकला फराज, एटीएस को जांच में मिला नया एंगल

मोहम्मद फराज, जिसने इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री में विशेषज्ञता हासिल की, उसके खिलाफ एटीएस ने नई जांच की दिशा निर्धारित की है। फराज और एक अन्य आरोपी वर्तमान में एटीएस की रिमांड पर हैं।


रिमांड में खुलासा  इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री का जानकार निकला फराज एटीएस को जांच में मिला नया एंगल

देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में दो दिन पहले गिरफ्तार किए गए मोहम्मद फराज के संबंध में जांच एजेंसियों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पूछताछ के दौरान सामने आया है कि फराज रसायन विज्ञान, विशेष रूप से इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री का अच्छा जानकार है। इस खुलासे के बाद आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने अपनी जांच को नई दिशा दी है।एटीएस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री की जानकारी के आधार पर फराज किसी विशेष प्रकार के हथियार या तकनीकी गतिविधि में विशेषज्ञता तो नहीं रखता था। फिलहाल वह रिमांड पर है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।

भोपाल और सहारनपुर से पकड़े गए आरोपी

भोपाल एटीएस ने सबसे पहले कांग्रेस नगर निवासी मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह (34) को गिरफ्तार किया था। वह एक डॉक्टर की क्लीनिक में नौकरी करता था। इसके बाद उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से नईम अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया गया, जो देवबंद मदरसे से जुड़ा बताया जा रहा है।

दोनों आरोपी 16 जून तक एटीएस रिमांड पर हैं।

बैटरी की दुकान पर काम करते हुए सीखी तकनीकी जानकारी जांच में सामने आया है कि क्लीनिक में नौकरी करने से पहले फराज एक बैटरी की दुकान पर काम करता था। वहीं उसने विद्युत रसायन (इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री) से जुड़ी कई तकनीकी जानकारियां हासिल की थीं। जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि उसने इन जानकारियों का उपयोग किस प्रकार किया।

सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक पहुंच

एटीएस ने दोनों आरोपियों के सोशल मीडिया खातों की भी जांच की है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वे सोशल मीडिया और चैट प्लेटफॉर्म के माध्यम से युवाओं से संपर्क करते थे। पुलिस ने ऐसे एक दर्जन से अधिक युवाओं की सूची तैयार की है, जिनसे दोनों आरोपियों की बातचीत हुई थी।इन युवाओं को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि मामला केवल संपर्क तक सीमित था या किसी संगठित गतिविधि का हिस्सा भी था।

आर्थिक स्रोतों की भी जांच

एटीएस दोनों आरोपियों के आय-व्यय और आर्थिक स्रोतों की भी जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि उनकी गतिविधियों की जानकारी पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को मिली थी, जिसके बाद उन पर निगरानी रखी जा रही थी।जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी डार्क वेब का इस्तेमाल करते थे। एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि ऑनलाइन नेटवर्क और अन्य संपर्कों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।

परिजन और क्लीनिक भी जांच के दायरे में

पुलिस कार्रवाई और पूछताछ की खबर सामने आने के बाद मोहम्मद फराज के परिजन घर छोड़कर चले गए हैं। वहीं जिस क्लीनिक में वह काम करता था, वह भी फिलहाल बंद बताया जा रहा है। मामले में एटीएस की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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