छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को जनता से शालीन व्यवहार के निर्देश दिए। सुशासन तिहार 2026 के दौरान वे खुद फील्ड में निगरानी करेंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक कामकाज को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साफ संदेश दिया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता के साथ व्यवहार में शालीनता और धैर्य दिखाना जरूरी है। सरकार का मानना है कि आम लोगों का अनुभव ही प्रशासन की असली तस्वीर तय करता है। इसी वजह से अब फोकस सिर्फ काम पर नहीं, बल्कि व्यवहार पर भी है। सीएम ने दो टूक कहा कि अधिकारी लोगों की बातें सुनें, उन्हें जवाब देने के बजाय पहले समझने की कोशिश करें।
जनता से संवाद का तरीका बदलने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी अधिकारी का पहला काम लोगों की समस्याओं को ध्यान से सुनना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवाद तभी सफल माना जाएगा जब उसमें संवेदना और समाधान दोनों शामिल हों। सिर्फ औपचारिकता निभाने से भरोसा नहीं बनता, इसके लिए व्यवहार में बदलाव जरूरी है।
ऑफिस से फील्ड तक सक्रिय रहने के निर्देश
सीएम साय ने अधिकारियों से कहा कि वे सिर्फ दफ्तर तक सीमित न रहें। जमीनी स्तर पर जाकर लोगों से सीधे बातचीत करें और उनकी जरूरतों को समझें। सरकार का मानना है कि योजनाओं की असली सफलता आंकड़ों से नहीं, बल्कि लोगों के अनुभव से तय होती है।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर फोकस
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने काम में पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि जनता का भरोसा ही सबसे बड़ी पूंजी है और इसे बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। ईमानदारी के साथ-साथ व्यवहार में विनम्रता भी उतनी ही जरूरी है।
सुशासन तिहार में होगी सख्त निगरानी
राज्य में 1 मई से “सुशासन तिहार 2026” शुरू हो चुका है, जो 10 जून तक चलेगा। इस दौरान गांव और शहरों में शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। मुख्यमंत्री खुद फील्ड में जाकर औचक निरीक्षण करेंगे और अधिकारियों के काम के साथ उनके व्यवहार को भी परखेंगे।