छत्तीसगढ़ सरकार ने बेटियों के जन्म पर ₹1.5 लाख की सहायता योजना घोषित की है। यह राशि 18 साल बाद मिलेगी और गरीब परिवारों की बेटियों की शिक्षा व भविष्य को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए नई वित्तीय सहायता योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत गरीब परिवारों की नवजात बालिकाओं के नाम पर ₹1.5 लाख की राशि सुरक्षित रखी जाएगी। यह राशि बेटी के 18 वर्ष पूरे होने पर एकमुश्त दी जाएगी ताकि उसकी शिक्षा और भविष्य की जरूरतों में आर्थिक मदद मिल सके।
आर्थिक सहायता का मॉडल
इस योजना में सरकार बेटी के जन्म पर उसके नाम एक निश्चित राशि सुरक्षित रखेगी। यह फंड लंबे समय तक जमा रहेगा और 18 साल बाद बेटी को दिया जाएगा। इसका उद्देश्य शिक्षा को बढ़ावा देना और परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करना है।
केवल बीपीएल परिवारों को लाभ
यह योजना सिर्फ बीपीएल परिवारों के लिए है। इसके लिए वैध बीपीएल कार्ड और छत्तीसगढ़ का स्थायी निवास अनिवार्य होगा। सरकार का फोकस उन परिवारों पर है जहां आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बेटियों की शिक्षा प्रभावित होती है।
पात्रता और जरूरी दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज अनिवार्य होंगे। इनमें जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड और बैंक खाता विवरण शामिल हैं। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पात्रता तय की जाएगी।
आवेदन प्रक्रिया जल्द शुरू होगी
फिलहाल यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में घोषित की गई है और इसके विस्तृत नियम जल्द जारी किए जाएंगे। आने वाले समय में आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शुरू होने की संभावना है। ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केंद्र और महिला एवं बाल विकास विभाग के जरिए आवेदन की सुविधा दी जा सकती है।