छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है। घरेलू, कमर्शियल और किसानों पर असर पड़ेगा। नई दरें 1 जुलाई से पूरे राज्य में लागू होंगी।
छत्तीसगढ़ में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने नई दरें जारी कर दी हैं। घरेलू से लेकर कमर्शियल और कृषि उपभोक्ताओं तक हर वर्ग के लिए बिजली महंगी हो गई है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे राज्य में लागू होंगी और इसका सीधा असर मासिक बिल पर पड़ेगा।
घरेलू उपभोक्ताओं पर सीधा असर
राज्य में घरेलू बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। इसका सीधा असर आम परिवारों के मासिक बिल पर दिखेगा। आयोग ने कुछ श्रेणियों में बदलाव करते हुए स्थानीय निकायों और छात्रावासों को घरेलू टैरिफ में शामिल किया है, जिससे कुछ संस्थानों को राहत भी मिलेगी।
कमर्शियल और छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ी
गैर-घरेलू यानी कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट महंगी हो गई है। छोटे दुकानदारों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर इसका असर पड़ेगा। हालांकि बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के मोबाइल टावरों को ऊर्जा शुल्क में 25 प्रतिशत छूट जारी रखी गई है।
किसानों के लिए मिश्रित फैसला
कृषि पंपों की बिजली दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है, जिससे खेती की लागत बढ़ सकती है। हालांकि गैर-सब्सिडी वाले कृषि पंपों पर ऊर्जा प्रभार में छूट 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे कुछ हद तक राहत भी मिलेगी।
औद्योगिक और EV सेक्टर में बदलाव
हाई वोल्टेज ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए नया टैरिफ 6.42 रुपये प्रति kVAh तय किया गया है। वहीं बड़े लोड वाले उपभोक्ताओं पर टाइम ऑफ डे टैरिफ लागू किया गया है, जिसमें समय के हिसाब से दरें बदलेंगी। औद्योगिक इकाइयों और सौर ऊर्जा से जुड़े नियमों में भी कई तकनीकी बदलाव किए गए हैं।