बिलासपुर के SBI बिल्हा शाखा में 2.6 करोड़ की हेराफेरी मामले में 8 माह से फरार कैशियर को ACB ने गिरफ्तार किया। खातों में छेड़छाड़ कर गबन का आरोप।
बिलासपुरः छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बिल्हा शाखा में करोड़ों रुपए की हेराफेरी मामले में बड़ी सफलता मिली है। केस आखिरकार गिरफ्तारी तक पहुंच गया है। करीब आठ महीने से फरार चल रही कैशियर को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पकड़ लिया। उस पर बैंक के रिकॉर्ड और खातों में छेड़छाड़ कर 2 करोड़ 6 लाख 37 हजार रुपए गबन करने का आरोप है।
कैसे खुली गड़बड़ी की परतें
यह मामला साल 2025 में सामने आया, जब बैंक के खातों में जमा राशि और रिकॉर्ड में अंतर पाया गया। शाखा प्रबंधक पीयूष बारा ने जब विस्तृत जांच कराई तो आर्थिक अनियमितता का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा और कुछ अन्य कर्मचारियों ने मिलकर दस्तावेजों में हेरफेर की।
निलंबन के बाद भी नहीं हुई हाजिरी
मामला उजागर होने के बाद कैशियर को निलंबित कर रिजनल बिजनेस ऑफिस, जगदलपुर अटैच किया गया। लेकिन न तो उन्होंने वहां जॉइन किया और न ही बिल्हा शाखा लौटीं। जून 2025 से वह लगातार गैरहाजिर रहीं, जिससे संदेह और गहरा गया।
एसीबी में दर्ज हुई एफआईआऱ
शाखा प्रबंधक की शिकायत पर एसीबी ने जनवरी 2026 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। विभागीय जांच रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर एसीबी ने जांच तेज कर दी।
मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तारी
जांच के दौरान एसीबी ने शाखा में मुखबिर भी तैनात किया था। गुरुवार को सूचना मिली कि आरोपी कैशियर बैंक आई हैं। टीम ने तत्काल पहुंचकर घेराबंदी की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब उन्हें कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है।