भोपाल में नशे की लत और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए पुलिस ने रोलिंग पेपर और स्मोकिंग कोन की बिक्री पर रोक लगा दी है।
राजधानी भोपाल में युवाओं और नाबालिगों के बीच बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने शहर में रोलिंग पेपर (लपेटने वाला कागज), गोगो स्मोकिंग कोन और तैयार रोलिंग पैकेट की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन का कहना है कि इन उत्पादों का उपयोग चरस, गांजा और अन्य मादक पदार्थों के सेवन में तेजी से बढ़ रहा है, जिससे युवाओं में नशे की लत और उससे जुड़ी आपराधिक गतिविधियां बढ़ रही हैं।
लगातार मिल रही थीं शिकायतें
पुलिस प्रशासन को सोशल मीडिया, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि शहर में पान, किराना और चाय की दुकानों पर ये उत्पाद आसानी से उपलब्ध हैं। इनका प्रचार-प्रसार इस तरह किया जा रहा था कि युवाओं में यह भ्रम पैदा हो रहा था कि इनका उपयोग अपेक्षाकृत सुरक्षित है।
स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा
पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार रोलिंग पेपर और संबंधित उत्पादों में ट्राइएथिलीन ग्लाइकोल, पोटैशियम नाइट्रेट, डाइऑक्सिन डाई, कैल्शियम कार्बोनेट और क्लोरीन ब्लीच जैसे रसायन पाए जाते हैं। ये फेफड़ों और श्वसन तंत्र पर गंभीर दुष्प्रभाव डाल सकते हैं तथा लंबे समय तक उपयोग से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं।
इन दुकानों पर पूरी तरह रोक
जारी आदेश के अनुसार भोपाल नगर क्षेत्र में पान की दुकान, किराना एवं परचून की दुकान, चाय की दुकान तथा अन्य सार्वजनिक बिक्री केंद्रों पर रोलिंग पेपर, गोगो स्मोकिंग कोन और पैकेट रोल की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। प्रशासन का मानना है कि इनकी आसान उपलब्धता के कारण नाबालिगों तक इनकी पहुंच लगातार बढ़ रही थी।
तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश
यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163(2) के तहत जनहित में तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। समयाभाव और सार्वजनिक हित को देखते हुए इसे एकपक्षीय आदेश के रूप में जारी किया गया है। हालांकि, कोई भी व्यक्ति या संस्था सक्षम प्राधिकारी के समक्ष छूट या शिथिलता के लिए आवेदन कर सकती है।
दो महीने तक प्रभावी रहेगा प्रतिबंध
प्रशासन के अनुसार यह आदेश तत्काल लागू हो गया है और यदि इसे पहले वापस नहीं लिया गया तो आगामी दो माह तक प्रभावी रहेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
क्यों खतरनाक हैं ये उत्पाद?
कैंसर का खतरा
रोलिंग पेपर और संबंधित उत्पादों के जलने पर बेंजीन, टार और फॉर्मेल्डिहाइड जैसे कैंसरकारी तत्व निकलते हैं, जो शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक माने जाते हैं।
फेफड़ों को नुकसान
लगातार उपयोग से क्रोनिक ब्रोंकाइटिस, अस्थमा और अन्य श्वसन संबंधी रोगों का खतरा बढ़ जाता है।
हानिकारक रसायनों का प्रभाव
कई रोलिंग पेपर को सफेद बनाने के लिए क्लोरीन ब्लीच का उपयोग किया जाता है। वहीं, इनमें प्रयुक्त गोंद जलने पर विषैले धुएं में परिवर्तित हो जाता है, जो स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
नशे की लत बढ़ने का खतरा
इन उत्पादों का उपयोग अक्सर मादक पदार्थों के सेवन में किया जाता है, जिससे निकोटीन और अन्य नशीले पदार्थों की लत लगने की आशंका बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह युवाओं को धीरे-धीरे गंभीर नशे की ओर धकेल सकता है।
युवाओं को नशे से बचाने की पहल
पुलिस प्रशासन का मानना है कि यह कदम युवाओं और नाबालिगों को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। साथ ही, शहर में नशीले पदार्थों के बढ़ते उपयोग पर भी नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।