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अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई धीमी

भोपाल में अवैध कॉलोनियों का जाल: 500 में से सिर्फ 159 कॉलोनाइजरों पर FIR

राजधानी में 500 से अधिक अवैध कॉलोनियां चिन्हित होने के बावजूद, केवल 159 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। चालान प्रस्तुत न होने से कार्रवाई लंबित।


भोपाल में अवैध कॉलोनियों का जाल 500 में से सिर्फ 159 कॉलोनाइजरों पर fir

राजधानी में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। शहर में 500 से अधिक अवैध कॉलोनियां चिन्हित होने के बावजूद अब तक केवल 159 अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। शेष मामलों में वर्षों बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। इसका परिणाम यह है कि अवैध कॉलोनाइजिंग का कारोबार लगभग बिना किसी प्रभावी रोक-टोक के जारी है।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार नगर निगम द्वारा शहर में 500 से अधिक अवैध कॉलोनियां चिन्हित की जा चुकी हैं। इनमें सबसे अधिक 41 प्रकरण गोरा गांव क्षेत्र से जुड़े हैं, जहां बड़े पैमाने पर अवैध कॉलोनियों के विकास की शिकायतें सामने आई हैं। गोरा गांव का क्षेत्र सुरजनगर और कैचमेंट एरिया से भी जुड़ा हुआ है।सबसे गंभीर तथ्य यह है कि वर्ष 2016-17 से अब तक दर्ज प्रकरणों में पुलिस द्वारा एक भी चालान न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसके कारण अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है।

चालान नहीं होने से अटकी कार्रवाई

यह स्थिति तब है, जब राज्य सरकार ने 1 अप्रैल से अवैध कॉलोनियों को लेकर नियम और अधिक सख्त कर दिए हैं। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है तथा कॉलोनाइजरों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कराए गए हैं।निगम की ओर से एफआईआर की प्रतियां संबंधित विभागों को भेजकर आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। हालांकि अधिकांश मामलों में पुलिस द्वारा अब तक न्यायालय में चालान पेश नहीं किए गए हैं, जिसके कारण कार्रवाई लंबित बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि चालान प्रस्तुत होने के बाद अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त होगा।

ये हैं राजधानी की प्रमुख अवैध कॉलोनियां

  • हेवेन्स पार्क
  • ड्रीमलैंड फार्म
  • वाटिका फार्म
  • गोकुल ग्रीन
  • कुसुमा विहार
  • माधव बाग
  • हिल्स व्यू सिटी
  • गोल्डन सिटी
  • गोल्डन पार्क
  • दुर्गा विहार कॉलोनी
  • व्यंकटेश्वर धाम
  • सांई रेसिडेंसी

संबंधित क्षेत्र

  • गोरा गांव
  • सुरजनगर
  • टी.टी. नगर
  • ग्राम बैरागढ़ चीचली
  • नीलबड़
  • रतनपुर, मिसरोद
  • कोलार रोड
  • कोलार क्षेत्र

1 अप्रैल से लागू हुए नए नियम

मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से कॉलोनी विकास और प्लॉट बिक्री से जुड़े नए नियम लागू किए गए हैं। इंटीग्रेटेड कॉलोनाइजर एक्ट के तहत प्रत्येक वैध कॉलोनी को एक यूनिक आईडी नंबर दिया जाएगा, जिससे नागरिक उसकी वैधता ऑनलाइन जांच सकेंगे।नए प्रावधानों के तहत अवैध कॉलोनी विकसित करने वाले बिल्डरों पर 10 वर्ष तक के कारावास और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा प्लॉट रजिस्ट्री को स्वीकृत ले-आउट से जोड़ा गया है, ताकि अवैध प्लॉटिंग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।कॉलोनाइजरों के लिए सड़क, बिजली, पानी, सीवर, नाली और पार्क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया है। साथ ही नई अवैध कॉलोनियों के मामलों में 45 दिनों के भीतर कार्रवाई कर भूमि जब्त करने का भी प्रावधान किया गया है।

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