पीएम मोदी ने स्लोवाकिया के पीएम रॉबर्ट फिको से मुलाकात की, व्यापार और रक्षा समझौते हुए। भारत आने का न्योता और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्लोवाकिया दौरे के दौरान राजधानी ब्रातिस्लावा में स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के बाद भारत और स्लोवाकिया के बीच रक्षा और व्यापार सहयोग को लेकर कई अहम समझौतों पर सहमति बनी। दोनों देशों ने संबंधों को 'व्यापक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया है।
पारंपरिक स्वागत और सांस्कृतिक जुड़ाव
ब्रातिस्लावा पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का पारंपरिक स्लोवाक रीति से स्वागत किया गया। उन्हें ब्रेड और नमक भेंट किया गया, जिसे वहां सम्मान, आतिथ्य और सद्भाव का प्रतीक माना जाता है। विदेश और यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराय ब्लानार ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने वहां मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की।

वंदे मातरम की प्रस्तुति और सम्मान
मुलाकात के दौरान सांस्कृतिक माहौल भी देखने को मिला, जहां 'वंदे मातरम' की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को खास बना दिया। स्लोवाक पीएम रॉबर्ट फिको ने प्रधानमंत्री मोदी को भारत का सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी और इसे एक 'राजनीतिक उपलब्धि' बताया।
भारत आने का न्योता और समझौते
प्रधानमंत्री मोदी ने रॉबर्ट फिको को भारत आने का निमंत्रण दिया। बैठक के बाद जारी बयान में दोनों देशों ने कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही। भारत ने यूरोपीय संघ के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को आगे बढ़ाने में स्लोवाकिया के समर्थन के लिए आभार जताया। रक्षा क्षेत्र में सहयोग को लेकर एक लेटर ऑफ इंटेंट पर भी हस्ताक्षर किए गए।
AI और शिक्षा में सहयोग
स्लोवाकिया की एक यूनिवर्सिटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भारत चेयर स्थापित करने की घोषणा की गई है। दोनों देशों ने माना कि AI भविष्य में मानवता और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। इसके अलावा भारत के प्राचीन उपनिषदों का स्लोवाक भाषा में अनुवाद भी किया जाएगा, जिससे सांस्कृतिक संबंध और मजबूत होंगे।
भारत-स्लोवाकिया व्यापार और समुदाय
स्लोवाकिया में 9,000 से अधिक भारतीय रहते हैं, जो मुख्य रूप से आईटी, टेक्नोलॉजी और डेवलपमेंट सेक्टर से जुड़े हैं। दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध भी लगातार मजबूत हो रहे हैं। 2025 में भारत और स्लोवाकिया के बीच लगभग 17 हजार करोड़ रुपये का व्यापार हुआ। भारत स्लोवाकिया को मुख्य रूप से ऑटो पार्ट्स, मोबाइल फोन, टेक्सटाइल और अन्य उत्पादों का निर्यात करता है, जबकि स्लोवाकिया से मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े उत्पाद आयात किए जाते हैं।