Breaking News
  • ओमान के पास भारतीय जहाज MT जलवीर पर हमला हुआ, तीन दिन में तीसरे शिप पर अटैक
  • ग्वालियर-जबलपुर समेत 34 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट: खजुराहो में 45 डिग्री पर पहुंचा पारा
  • पहली बार तीन देश होस्ट करेंगे FIFA वर्ल्ड कप, अमेरिका-कनाडा-मेक्सिको में 48 टीमों के बीच 104 मैच
  • केरलम में निपाह वायरस लौटा, संक्रमित वेंटिलेटर पर: हॉस्पिटल स्टाफ क्वारंटीन
  • एमपी- भाजपा ने तीनों राज्यसभा सीट निर्विरोध जीतीं, कांग्रेस उम्मीदवार नटराजन का नामांकन रद्द होने पर कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

होम > विदेश

MT Jalveer Attack Escalates

ओमान के समुद्र में फिर धधका जहाज, 'जलवीर' पर हमले ने बढ़ाई चिंता; तीन दिन में तीसरी बड़ी घटना

ओमान तट के पास भारतीय जहाज MT जलवीर पर हमले की खबर ने समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। तीन दिनों में तीसरे जहाज को निशाना बनाए जाने से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों पर खतरा बढ़ गया है।


ओमान के समुद्र में फिर धधका जहाज जलवीर पर हमले ने बढ़ाई चिंता तीन दिन में तीसरी बड़ी घटना

One more Indian Ship Attacked in Hormuz |

ओमान के तट के पास समुद्री क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। बुधवार के हमले के 24 घंटे के भीतर एक और जहाज निशाना बनने की खबर सामने आई है। इस बार हमला भारतीय जहाज MT जलवीर पर हुआ। इसने क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना शिनास बंदरगाह के पास हुई। शुरुआती तस्वीरों में जहाज से धुआं और आग की लपटें उठती दिखाई दीं। सूचना मिलते ही भारतीय दूतावास और स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो गया।

लगातार हो रही घटनाओं ने समुद्री व्यापार, नाविकों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट की स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खास बात यह है कि बीते तीन दिनों में यह तीसरा जहाज है जिस पर हमला होने की सूचना मिली है।

जलवीर पर हमले के बाद अलर्ट

ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शिनास बंदरगाह के पास एक पोत से जुड़ी गंभीर घटना की जानकारी मिली है। मामले की निगरानी की जा रही है और स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है। फिलहाल हमले की प्रकृति, नुकसान की सीमा और इसके पीछे के कारणों को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू की जांच में जुटी हैं।

24 घंटे पहले भी हुआ था हमला

इससे एक दिन पहले ओमान तट के पास कमर्शियल जहाज सेटेबेलो पर हमला हुआ था। उस जहाज पर कुल 28 लोग सवार थे, जिनमें 24 भारतीय नागरिक शामिल थे। हमले के बाद 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन तीन भारतीय लापता हो गए थे। बाद में लापता लोगों में से दो के शव मिलने की जानकारी सामने आई। इस घटना ने भारतीय समुद्री कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी। विदेश मंत्रालय ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भारतीय दूतावास ओमान के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है और खोज एवं बचाव अभियान पर नजर रखे हुए है।

हमलों के पीछे क्या आशंका

समुद्री सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में क्षेत्रीय तनाव को इन घटनाओं की संभावित वजह माना जा रहा है। ब्रिटिश मैरीटाइम सिक्योरिटी ग्रुप एम्ब्रे के हवाले से सामने आई जानकारी में कहा गया है कि यह घटनाक्रम क्षेत्र में चल रहे बड़े सामरिक तनावों से जुड़ा हो सकता है। हालांकि अब तक किसी संगठन या देश ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। जांच एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं पर काम कर रही हैं।

भारत ने दर्ज कराया विरोध

सेटेबेलो पर हुए हमले के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाया था। मामले को लेकर अमेरिकी प्रभारी राजदूत जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय तलब किया गया और आधिकारिक विरोध दर्ज कराया गया। इसके बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने भी कहा कि वह इस मामले में भारत सरकार के सीधे संपर्क में है और घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है।

समुद्री व्यापार पर बढ़ा खतरा

ओमान और आसपास का समुद्री क्षेत्र वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है। यहां से गुजरने वाले जहाज ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय कारोबारी गतिविधियों की रीढ़ हैं। लगातार तीन दिनों में तीन जहाजों पर हमले की खबरों ने शिपिंग कंपनियों, बीमा एजेंसियों और समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। अगर ऐसी घटनाएं जारी रहती हैं तो इसका असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन और व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।

Related to this topic: