अमेरिका द्वारा ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों पर हवाई हमले करने के बाद, ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। होर्मुज स्ट्रेट में तनाव बढ़ा।
अमेरिका ने ईरान के मिसाइल-ड्रोन ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक, जवाब में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा; होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा तनाव
पश्चिम एशिया में युद्धविराम के बावजूद तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों पर करीब एक घंटे तक हवाई हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने सीजफायर का उल्लंघन किया था, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ईरान ने 25 जून को होर्मुज स्ट्रेट में एक कार्गो जहाज पर ड्रोन हमला किया था। इसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरानी तटीय रडार साइट्स और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
ईरान का पलटवार, दी कड़ी चेतावनी
हमलों के बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी सांसद इब्राहिम अजीजी ने कहा कि अमेरिका ने बातचीत के बीच हमला कर युद्धविराम की भावना को तोड़ा है और इसके परिणाम भुगतने होंगे।वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका युद्धविराम का पालन कर रहा है, लेकिन किसी भी हिंसक कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा।
होर्मुज स्ट्रेट बना नया फ्लैशपॉइंट
होर्मुज स्ट्रेट के पास जहाजों की आवाजाही पर भी असर दिखने लगा है। कई LNG टैंकरों ने अपना मार्ग बदल लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ा तो वैश्विक तेल बाजार पर बड़ा असर पड़ सकता है।
लेबनान मोर्चे पर भी बढ़ी हलचल
हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने इजराइल से लेबनान की पूरी जमीन खाली करने की मांग की है। दूसरी ओर इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान के कुछ इलाकों में लोगों को घर खाली करने की चेतावनी जारी की है।
बातचीत भी जारी, लेकिन भरोसा कम
तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की वार्ता जारी रहने की खबरें भी सामने आई हैं। दोनों देशों के बीच संभावित समझौते के लिए रोडमैप तैयार करने पर चर्चा चल रही है, लेकिन ताजा सैन्य घटनाक्रम ने शांति प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।