नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अपने शासन के 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 26 मई 2014 को सत्ता संभालने के बाद शुरू हुई इस यात्रा को भारतीय जनता पार्टी देश के विकास, डिजिटल परिवर्तन और जनकल्याणकारी योजनाओं के विस्तार का दौर बता रही है। भाजपा का कहना है कि इन वर्षों में भारत ने आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार के अनुसार, 10 जून 2026 भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि नरेंद्र मोदी लगातार 12 वर्षों तक प्रधानमंत्री रहने वाले सबसे लंबे समय तक निर्वाचित नेताओं में शामिल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना, जीएसटी और यूपीआई जैसे कदमों ने देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का काम किया।
इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल बदलाव पर फोकस
बीते एक दशक में सरकार ने सड़क, रेलवे, एयरपोर्ट, बंदरगाह और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश पर जोर दिया। डिजिटल इंडिया अभियान के तहत सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन किया गया और डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा मिला। आज यूपीआई भारत की डिजिटल क्रांति का प्रतीक बन चुका है और देश दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल पेमेंट नेटवर्क में शामिल है।
जनकल्याणकारी योजनाओं से करोड़ों लोगों तक पहुंच
सरकार का दावा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, जनधन योजना, आयुष्मान भारत और उज्ज्वला योजना जैसी पहल ने करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाने का काम किया है। इन योजनाओं के जरिए गरीब परिवारों, महिलाओं, किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी गई।
मोदी सरकार के 12 वर्षों की 12 प्रमुख योजनाएंः
1. प्रधानमंत्री जनधन योजना
2014 में शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य हर परिवार को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना था। करोड़ों बैंक खाते खुलने के साथ प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) को मजबूती मिली।
2. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना
गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना ने पारंपरिक चूल्हों पर निर्भरता कम करने का प्रयास किया।
3. आयुष्मान भारत योजना
गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराने वाली यह दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं में गिनी जाती है।
4. स्वच्छ भारत मिशन
2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुए इस अभियान ने स्वच्छता को जन आंदोलन का रूप दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों शौचालयों का निर्माण किया गया।
5. प्रधानमंत्री आवास योजना
गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों को पक्का घर उपलब्ध कराने के लक्ष्य के साथ यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू की गई।
6. डिजिटल इंडिया
ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल भुगतान, ई-गवर्नेंस और इंटरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने वाला यह अभियान भारत के डिजिटल परिवर्तन की आधारशिला माना जाता है।
7. पीएम किसान सम्मान निधि
इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खातों में भेजी जाती है।
8. जल जीवन मिशन
ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल से पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से 2019 में इस मिशन की शुरुआत की गई।
9. मेक इन इंडिया
भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लक्ष्य के साथ शुरू हुई इस पहल के तहत रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर जोर दिया गया।
10. स्टार्टअप इंडिया
युवा उद्यमियों और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई इस योजना ने भारत को दुनिया के प्रमुख स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल करने में भूमिका निभाई।
11. पीएम गति शक्ति
सड़क, रेल, बंदरगाह, हवाई अड्डों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को एकीकृत करने के उद्देश्य से 2021 में राष्ट्रीय मास्टर प्लान की शुरुआत हुई।
12. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020
नई शिक्षा नीति को शिक्षा क्षेत्र में बड़ा सुधार माना गया, जिसका उद्देश्य कौशल आधारित और आधुनिक शिक्षा प्रणाली विकसित करना है।
JAM मॉडल ने बदली सरकारी योजनाओं की डिलीवरी
सरकार की कई योजनाओं की सफलता का आधार जनधन, आधार और मोबाइल (JAM) मॉडल को माना जाता है। इसके जरिए सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंचाने का दावा किया गया, जिससे पारदर्शिता बढ़ी और बिचौलियों की भूमिका कम हुई।
विकसित भारत 2047 की दिशा में कदम
भाजपा का कहना है कि आत्मनिर्भर भारत, सेमीकंडक्टर मिशन, महिला सशक्तिकरण, स्किल डेवलपमेंट और कृषि सुधारों के जरिए देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि इन योजनाओं की उपलब्धियों और चुनौतियों को लेकर राजनीतिक बहस जारी है, लेकिन यह तय है कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार की नीतियों ने शासन और विकास के कई पारंपरिक ढांचों को बदलने का प्रयास किया है।