न बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल के होटल में संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चोट के निशान, हिरासत में लिए गए युवक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार जांच का केंद
पटना। नेपाल के विराटनगर के एक होटल में बिहार के सहरसा निवासी प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। इसके बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। प्रिंस यादव पटना के चर्चित ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद के छोटे भाई थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया है, जबकि नेपाल पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। रविवार सुबह होटल के कमरे से प्रिंस यादव का शव मिलने की सूचना सामने आई।
शुरुआती जानकारी में ब्रेन हेमरेज की आशंका जताई जा रही है, लेकिन मौत की वास्तविक वजह अभी साफ नहीं हो सकी है। यही कारण है कि पुलिस फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। घटना ने इसलिए भी गंभीर रूप ले लिया है क्योंकि मौके पर मौजूद कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इससे यह मामला केवल एक सामान्य मौत नहीं बल्कि संभावित आपराधिक जांच का विषय बन गया है।
चोट के निशानों ने बढ़ाई जांच की दिशा
प्रिंस यादव के शव की सामने आई तस्वीरों ने मामले को और पेचीदा बना दिया है। तस्वीरों में आंख के ऊपर चोट जैसे निशान दिखाई देने की बात कही जा रही है। इसी वजह से मारपीट या किसी अन्य घटनाक्रम की आशंका भी चर्चा में है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी तरह की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां मेडिकल रिपोर्ट और फोरेंसिक तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ना चाहती हैं।
होटल में मौजूद लोगों से हो रही पूछताछ
नेपाल पुलिस ने घटना के समय होटल में मौजूद करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों का मानना है कि इन लोगों के बयान से मौत से पहले की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि प्रिंस यादव आखिरी बार किन लोगों के संपर्क में थे और घटना से पहले होटल में क्या हुआ था।
कोचिंग विवाद से जुड़ा रहा था नाम
प्रिंस यादव का नाम हाल ही में पटना में हुए चर्चित कोचिंग विवाद में भी सामने आया था। खान ग्लोबल स्टडीज पर हुए हमले और तोड़फोड़ के मामले में दर्ज प्राथमिकी में उन्हें आरोपी बनाया गया था। केस दर्ज होने के बाद वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहे थे। परिजनों का दावा है कि इसी मामले के कारण उन पर दबाव बना हुआ था और उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किया गया था।
रौशन आनंद पहले से जेल में बंद
प्रिंस यादव के बड़े भाई और ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद फिलहाल पटना की बेउर जेल में बंद हैं। ऐसे में यह घटना पहले से विवादों में घिरे इस पूरे मामले को और संवेदनशील बना रही है। दूसरी ओर पटना पुलिस का कहना है कि उन्हें अभी तक नेपाल से कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
परिवार ने उठाए कई सवाल
सहरसा जिले के धमसैना स्थित पैतृक घर में शोक का माहौल है। परिजनों का कहना है कि उन्हें सोशल मीडिया के जरिए मौत की जानकारी मिली, जिसके बाद परिवार के सदस्य नेपाल के लिए रवाना हुए। परिवार यह भी जानना चाहता है कि अगर मौत प्राकृतिक कारणों से हुई तो शरीर पर चोट जैसे निशान कैसे आए।
राजनीतिक महत्वाकांक्षा भी जांच का हिस्सा बन सकती है
स्थानीय स्तर पर प्रिंस यादव की पहचान केवल कोचिंग विवाद तक सीमित नहीं थी। जानकारी के मुताबिक वह सौरबाजार क्षेत्र से जिला परिषद चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहे थे। ऐसे में जांच एजेंसियां उनके सामाजिक, राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंधों की भी पड़ताल कर सकती हैं। फिलहाल पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मानी जा रही है, जिसके बाद मौत की वजह और उससे जुड़े कई सवालों पर तस्वीर कुछ हद तक साफ हो सकती है।