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India Successfully Tests Multi Layer Ballistic Mis

भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल, 5000 किमी दूर से आने वाली मिसाइलों को भी करेगा नष्ट

भारत ने मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम का सफल परीक्षण किया। अब 5000 किमी दूर से आने वाली मिसाइलों को भी हवा में नष्ट करने में सक्षम होगा देश।


भारत का मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम सफल 5000 किमी दूर से आने वाली मिसाइलों को भी करेगा नष्ट

नई दिल्ली। भारत ने अपनी रणनीतिक रक्षा क्षमता को नई ऊंचाई पर पहुंचाते हुए स्वदेशी मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) सिस्टम का सफल परीक्षण किया है। इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिनके पास लंबी दूरी से आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने की क्षमता है।

रक्षा सूत्रों के अनुसार यह प्रणाली करीब 5000 किलोमीटर दूर से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों को पहचानकर इंटरसेप्ट करने और नष्ट करने में सक्षम है। इस सफलता के बाद भारत अमेरिका, रूस, चीन और इजराइल के बाद ऐसी तकनीक हासिल करने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया है।

क्या है मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम?

मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम एक अत्याधुनिक सुरक्षा कवच है, जो दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही विभिन्न ऊंचाइयों पर नष्ट कर देता है। यह प्रणाली कई स्तरों पर काम करती है और आने वाले खतरे का पता लगाकर इंटरसेप्टर मिसाइलों के जरिए उसे खत्म करती है  इस प्रणाली में लंबी दूरी के रडार, ट्रैकिंग सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और इंटरसेप्टर मिसाइलें शामिल होती हैं।

5000 किमी दूर से आने वाले खतरे पर नजर

नई क्षमता के साथ भारत अब इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों (IRBM) और लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों से भी प्रभावी सुरक्षा हासिल कर सकेगा। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रणाली देश के प्रमुख शहरों, सामरिक प्रतिष्ठानों और सैन्य ठिकानों को मिसाइल हमलों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

रक्षा आत्मनिर्भरता को मिला बल

यह उपलब्धि भारत के आत्मनिर्भर रक्षा अभियान के लिए भी बड़ी सफलता मानी जा रही है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) लंबे समय से बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस तकनीक पर काम कर रहा है और हालिया परीक्षण ने इसकी विश्वसनीयता को और मजबूत किया है।

रणनीतिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है यह सफलता?

भारत के सामने क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए यह प्रणाली बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के खिलाफ मजबूत सुरक्षा कवच मिलने से देश की प्रतिरोधक क्षमता और सामरिक संतुलन दोनों मजबूत होंगे रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में गेमचेंजर साबित हो सकती है और भविष्य में एक व्यापक राष्ट्रीय मिसाइल रक्षा ढांचे की आधारशिला बनेगी। 

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