भारत ने वेनेजुएला को 35 टन राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता पहुंचाई। ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत दो C-17 विमान मानवीय सहायता के साथ रवाना हुए।
भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में सहयोग करेंगे भारतीय सैनिक, दो C-17 विमान लेकर पहुंचे मानवीय सहायता
भयावह भूकंप से जूझ रहे वेनेजुएला की सहायता के लिए भारत ने एक बार फिर वैश्विक मानवीय सहयोग का परिचय दिया है। केंद्र सरकार ने 'ऑपरेशन अमिस्ताद' शुरू करते हुए भारतीय सेना और वायु सेना के माध्यम से बड़े स्तर पर राहत अभियान शुरू किया है। इसके तहत भारतीय सेना का एक विशेष दल राहत सामग्री लेकर शुक्रवार को वेनेजुएला के लिए रवाना हो गया।विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि भारतीय वायु सेना के दो C-17 परिवहन विमान तत्काल राहत सामग्री के साथ वेनेजुएला के लिए रवाना किए गए हैं।
35 टन राहत सामग्री और चिकित्सा सहायता भेजी गई
ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत भारतीय सेना की फील्ड हॉस्पिटल यूनिट, 35 टन से अधिक राहत सामग्री, आवश्यक दवाइयां और आधुनिक चिकित्सा उपकरण भेजे गए हैं। इनका उद्देश्य भूकंप प्रभावित लोगों को तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं और राहत उपलब्ध कराना है।भारतीय सैनिक स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं पुनर्वास कार्यों में सहयोग करेंगे।
590 तक पहुंचा मृतकों का आंकड़ा
वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 590 तक पहुंच गई है। राहत एजेंसियां अभी भी मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार रिक्टर पैमाने पर 7 से अधिक तीव्रता का यह भूकंप पिछले 120 वर्षों में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक माना जा रहा है।अधिकारियों को आशंका है कि मलबे में दबे लोगों के मिलने के साथ मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
पुनर्निर्माण के लिए बनाया जाएगा विशेष कोष
वेनेजुएला सरकार ने क्षतिग्रस्त अस्पतालों, आवासीय इमारतों और सार्वजनिक ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर का विशेष कोष बनाने की घोषणा की है।
कई देशों ने बढ़ाया मदद का हाथ
भारत के अलावा मेक्सिको, कतर, ब्राजील, स्पेन, पुर्तगाल और कनाडा ने भी वेनेजुएला को राहत सहायता भेजने या सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से लगातार मदद पहुंचाई जा रही है ताकि प्रभावित लोगों को जल्द राहत मिल सके।