भारत की बात पर अमेरिका की मुहर

Update: 2026-02-09 04:24 GMT

शनिवार को भारत के साथ ट्रेड डील का फ्रेमवर्क जारी करते हुए अमेरिका ने भारत का एक ऐसा नक्शा जारी किया है, जिसने पाकिस्तान और चीन दोनों को एक साथ बड़ा झटका दे दिया है। भारत हमेशा से कहता आ रहा है कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख (जिसमें अक्साई चिन भी शामिल है) और अरुणाचल प्रदेश भारत के अभिन्न अंग हैं। अब अमेरिका ने भी भारत की इस बात पर मुहर लगा दी है।

जारी किए गए नक्शे में भारत की संप्रभुता को लेकर कोई अस्पष्टता नहीं छोड़ी गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) की धरती से ‘कश्मीर बनेगा पाकिस्तान’ का नारा दिया था। मंच सजा था, तालियां बज रही थीं और शहबाज शरीफ को लग रहा था कि कूटनीतिक रूप से वह आगे हो गए हैं, लेकिन शनिवार को अमेरिका ने बिना शोर मचाए ऐसा इशारा कर दिया, जिसने शहबाज शरीफ की कूटनीति की हवा निकाल दी।

दरअसल, भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते का ऐलान हुआ है। इसके साथ ही अमेरिका ने भारत का आधिकारिक नक्शा जारी किया है, जो संपूर्ण विश्व के लिए बड़ा संदेश बन गया है। इस नक्शे में पूरा जम्मू-कश्मीर, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) सहित भारत का हिस्सा दिखाया गया है। केवल पीओके ही नहीं, बल्कि अक्साई चिन, जिस पर चीन वर्षों से अवैध कब्जा जमाए बैठा है, वह भी भारत के नक्शे में स्पष्ट रूप से शामिल है।

यह कोई तकनीकी चूक या ग्राफिक डिजाइन की गलती नहीं मानी जा सकती। यह पाकिस्तान और चीन दोनों के लिए सीधा-सीधा कूटनीतिक संदेश है। शहबाज शरीफ कथित ‘कश्मीर सॉलिडैरिटी डे’ पर पीओके असेंबली में भाषण दे रहे थे और कह रहे थे कि कश्मीर पाकिस्तान की जुगुलर वेन है, लेकिन अमेरिका से आया यह नक्शा बता रहा है कि यह जुगुलर वेन नहीं, बल्कि भारत का अभिन्न अंग है।

भारत हमेशा से कहता आया है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का हिस्सा हैं और हमेशा रहेंगे। अब अमेरिका के इस कदम ने पाकिस्तान की उस पुरानी रणनीति को झटका दिया है, जिसमें वह हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर कश्मीर को विवादित क्षेत्र बताकर भ्रम फैलाता रहा है।

इस नक्शे में अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाना चीन के लिए भी बड़ा झटका है। चीन वर्षों से इस क्षेत्र पर अपना दावा करता रहा है, जबकि भारत इसे अवैध कब्जा बताता है। अमेरिका ने पहली बार इतने साफ तरीके से भारत की क्षेत्रीय संप्रभुता को दर्शाया है, वह भी ऐसे समय में जब भारत और अमेरिका अपने रिश्तों को नए सिरे से रीसेट कर रहे हैं।

पिछले महीनों में पाकिस्तान ने अमेरिका में जबरदस्त लॉबिंग की। सेना प्रमुख असीम मुनीर की बार-बार वॉशिंगटन यात्राएं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकातें, लंच डिप्लोमेसी, सब कुछ किया गया, लेकिन अमेरिका से जारी एक तस्वीर ने पाकिस्तान की पूरी डिप्लोमेसी को बर्बाद कर दिया।

यह नक्शा अमेरिका की ओर से पहली बार स्पष्ट रूप से भारत की पूर्ण क्षेत्रीय अखंडता को मान्यता देने वाला कदम माना जा रहा है। इसे भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के लिए यह और भी शर्मिंदगी वाली स्थिति है, क्योंकि पाकिस्तान का लंबे समय से सहयोगी रहा अमेरिका अब भारत की सीमाओं को खुले तौर पर मान्यता दे रहा है।

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