श्री कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए प्रेम मंदिर चिंतामणि कुंज से इस्कॉन मंदिर तक श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति ज्योति यात्रा निकाली गई, जिसमें साधु-संतों सहित दर्जनों हिंदूवादी कार्यकर्ता न्याय करो, अधिकार दो, जन्मभूमि लौटा दो, आ गए अवध बिहारी और अब आएंगे कृष्ण मुरारी आदि नारे लगाते हुए चल रहे थे।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण के हिंदू पक्षकार एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति ज्योति यात्रा देश भर में निकाली जाएगी, जो हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के घर-परिवार तक पहुंचेगी। इस यात्रा के माध्यम से लोगों को श्रीकृष्ण जन्मभूमि का इतिहास बताया जाएगा और उन्हें उनके पूर्वजों की गाथाएं याद श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति ज्योति यात्रा में शामिल साधु-संत व हिंदूवादी कार्यकर्ता। दिलाई जाएंगी, जिन्होंने मुगल आक्रांताओं के दौर में सनातन धर्म की रक्षा के लिए असहनीय कष्ट सहन किए। साथ ही इस आंदोलन से समाज को जोड़कर इस संकल्प का सहभागी बनाया जाएगा।
अध्यक्षता करते हुए पीपाद्वाराचार्य बाबा बलराम दास ने हिंदुओं से आंदोलन का समर्थन किए जाने का आह्वान किया। महामंडलेश्वर डॉ. आदित्यानंद महाराज ने कहा कि इस यात्रा से हिंदुओं में जागरुकता आएगी और श्री कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति सुनिश्चित होगी। कृष्णानंद महाराज ने कहा कि आज महेंद्र प्रताप सिंह ने जो ज्योति जलाई है, उसे देश का कोई भी हिंदू तब तक नहीं बुझने देगा जब तक भगवान श्री कृष्ण का प्राकट्य स्थल (मूल गर्भगृह) मुक्त नहीं होगा। डॉ. लक्ष्मी गौतम ने भरोसा जताया कि देश की मातृशक्ति सनातन की रक्षा के लिए इस ज्योति को जलाए रखने का कार्य करेगी।
इस अवसर पर वेदांती महाराज, डॉ. रामविलास चतुर्वेदी, श्यामानंद महाराज, देवानंद महाराज, रामदास महाराज, ईश्वरचंद्र रावत आदि ने भी विचार व्यक्त करते आंदोलन का समर्थन किया।