क्रिकेटर रिंकू सिंह का फेसबुक अकाउंट हैक, कमाई भी उड़ाई; अलीगढ़ में FIR दर्ज

क्रिकेटर रिंकू सिंह का फेसबुक अकाउंट हैक, ईमेल आईडी बदली गई और मोनेटाइजेशन की कमाई हैकर्स के खाते में ट्रांसफर, अलीगढ़ में FIR।

Update: 2026-02-06 08:41 GMT

अलीगढ़। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह भी साइबर ठगों के जाल में फंस गए। उनका फेसबुक अकाउंट हैक कर लिया गया, इतना ही नहीं अकाउंट से होने वाली मोनेटाइजेशन की कमाई भी हैकर्स ने अपने खाते में ट्रांसफर कर ली। मामले की शिकायत रिंकू सिंह के भाई सोनू ने की, जिसके बाद अलीगढ़ के साइबर क्राइम थाने में अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है।

ईमेल आईडी बदलकर किया अकाउंट पर कब्जा 

शिकायत के मुताबिक रिंकू सिंह के फेसबुक अकाउंट पर करीब 16 लाख फॉलोअर्स हैं। वह इन दिनों अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों और टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारियों में व्यस्त थे, इसी वजह से सोशल मीडिया पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पा रहे थे।

सोनू ने बताया कि 4 फरवरी को मुंबई से रिंकू ने अपना फेसबुक अकाउंट लॉग-इन करने की कोशिश की, लेकिन पासवर्ड गलत बताया जाने लगा। काफी कोशिशों के बाद जब अकाउंट नहीं खुला, तब पता चला कि अकाउंट से जुड़ी ईमेल आईडी ही बदल दी गई है। पहले अकाउंट (rinkukumar344.8.7) से लॉग-इन होता था, लेकिन अब वह दूसरी ईमेल आईडी (commercial.rinkukumar) से जुड़ा हुआ दिख रहा है।

बिना लॉग-इन किए अपलोड होती रहीं फोटो-वीडियो  

रिंकू सिंह ने देखा कि काफी समय से लॉग-इन न करने के बावजूद उनकी फेसबुक आईडी से लगातार फोटो और वीडियो अपलोड हो रहे थे। उनका अकाउंट मोनेटाइज है, जिससे अच्छी-खासी इनकम होती है। शिकायत में बताया गया कि यह पूरी कमाई हैकर्स के अकाउंट में ट्रांसफर हो रही थी। जब इस बात की जानकारी मिली, तो तुरंत पुलिस को सूचित किया गया। 

साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज

साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर रामेंद्र शुक्ला ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। SSP नीरज कुमार जादौन ने कहा रिंकू सिंह के भाई की शिकायत मिली है। आईडी हैक होने और पैसे निकालने का मामला सामने आया है। साइबर टीम को हैकर्स का पता लगाने और अकाउंट रिकवर करने के निर्देश दिए गए हैं।

कैसे होता है फेसबुक अकाउंट हैक? 

साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर किसी फेसबुक अकाउंट की ईमेल आईडी बिना जानकारी के बदल दी जाती है, तो इसका मतलब है कि हैकर्स को पासवर्ड या अकाउंट का एक्सेस मिल चुका है। अक्सर इसके लिए फर्जी लिंक भेजे जाते हैं। जैसे ही यूजर उस लिंक पर क्लिक करता है, उसका डेटा हैकर्स तक पहुंच जाता है। इसके बाद पासवर्ड रीसेट लिंक नई ईमेल आईडी पर चला जाता है और पूरा अकाउंट हैकर के कंट्रोल में आ जाता है। फिलहाल साइबर टीम अकाउंट रिकवरी और पैसों के ट्रांजैक्शन की जांच में जुटी है। मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स के लिए भी यह एक बड़ी चेतावनी माना जा रहा है।

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