झांसी जेल में खूंखार अपराधियों का खौफ, पति व प्रेमी की जान बचाने को पत्नियां बेच रही मंगलसूत्र
झांसी जेल में बंदियों के परिजनों से अवैध वसूली का खेल अब भी जारी है। खूंखार बंदियों की फरमाइशें पूरी करने और अपने पति व प्रेमियों को पिटने से बचाने के लिए कई महिलाओं और प्रेमिकाओं को मंगलसूत्र गिरवी रखना पड़ा, तो किसी को बच्चों की स्कूल फीस के रुपए जेल में पहुंचाने पड़े। जेल में वर्तमान में करीब 1011 बंदी हैं। बताया जा रहा है कि हत्या के मामलों में बंद दो बंदी इस वसूली के खेल को चला रहे हैं।
जेल से छूटकर बाहर आए कई बंदियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जेल में नई आमद वाले बंदियों को अब भी परेशान किया जा रहा है। उन्हें खूंखार कैदियों की बैरक में ले जाया जाता है, जहां परिजनों से फोन पर बात करवाई जाती है और मारपीट न करने के एवज में रकम मंगाई जाती है। हाल ही में दो बंदियों के परिजनों पर इतना दबाव बनाया गया कि एक महिला ने मंगलसूत्र गिरवी रख दिया, जबकि दूसरी महिला ने बच्चे की स्कूल फीस के रुपए पहुंचाए। समय पर फीस जमा न होने से बच्चे की पढ़ाई पर संकट खड़ा हो गया। सूत्रों के अनुसार यह पूरा खेल जेल प्रशासन की मिलीभगत से ही चल रहा है।
जैमर की दिशा गड़बड़
जेल में बंदियों का मोबाइल नेटवर्क खत्म करने के लिए जैमर लगाए गए हैं, लेकिन इनकी दिशा मिलीभगत से इस तरह सेट की गई है कि जेल के अंदर मोबाइल आराम से काम करते हैं, जबकि जेल के बाहर आसपास नेटवर्क नहीं मिलता। बंदी परिजनों और वकीलों से बात कर सकें, इसके लिए बूथ भी बनाया गया है, लेकिन उसे अब तक जेल प्रशासन ने चालू नहीं किया। यह बूथ धूल खा रहा है।
चेकिंग में नहीं मिलते मोबाइल
जेल में बंदी लंबे समय से मोबाइल फोन का उपयोग कर रहे हैं। यह बात पहले पकड़े गए बंदियों से साबित हो चुकी है। कई बार पुलिस और प्रशासन ने लवाजमे के साथ छापा मारकर जेल का औचक निरीक्षण किया, लेकिन उस समय भी उनके हाथ कुछ नहीं लगा। जाहिर है, मिलीभगत के चलते मोबाइल पहले ही इधर-उधर छिपा दिए जाते हैं।
जेल में एआई का अटल पहरेदार
जेलों में सुरक्षा का नया दौर शुरू हो गया है। जेलों में एआई-बेस्ड इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम लगाया जा रहा है। बताया जाता है कि इंसान को घंटों कैमरों पर नजर रखनी पड़ती है, थकान के कारण कई घटनाएं छूट जाती हैं। वहीं एआई चौबीसों घंटे वीडियो का विश्लेषण करता है, असामान्य गतिविधियों को पकड़ता है और ऑटो अलार्म बजाता है। इससे स्टाफ की कमी दूर होगी और खतरे को पहले ही रोका जा सकेगा।