प्रयागराजः प्रदर्शन पर बैठे अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों ने शिविर में लगवाए CCTV
प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की जान को खतरे का दावा, शिविर में CCTV लगे, विवाद पर अखिलेश यादव का समर्थन।
प्रयागराजः उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेला चल रहा है। इस दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच चल रहा विवाद अब और गंभीर होता दिख रहा है। इसके चलते शंकराचार्य खुले में अनशन पर बैठे हैं। वहीं, उनकी सुरक्षा को देखते हुए उनके शिष्यों ने शिविर के भीतर और बाहर कुल 12 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं।
शिष्यों ने कही ये बात
शंकराचार्य के विशेष प्रतिनिधि देवेंद्र पांडे ने प्रशासन को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य इस समय सड़क पर बैठे हैं और आसपास ऐसे लोग घूम रहे हैं, जो संत के वेश में हरकतें कर रहे हैं। रात के समय कुछ लोग शिविर के पास आकर वीडियो बनाते हैं और पकड़े जाने पर नोटिस देने की बात कहते हैं। उन्होंने शंकराचार्य की सुरक्षा को लेकर आशंका जताई है।
शंकराचार्य विवाद पर अब सियासत भी तेज हो गई है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन उतर गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि शंकराचार्य डटे हुए हैं और एक-एक सनातनी उनके साथ खड़ा है।
केशव प्रसाद मौर्य को लेकर क्या कहा
इससे पहले शुक्रवार को अविमुक्तेश्वरानंद ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की तारीफ करते हुए उन्हें समझदार नेता बताया था। बता दें कि उनकी यह प्रतिक्रिया तब आई थी जब मौर्य ने गुरुवार को सार्वजनिक रूप से शंकराचार्य के पास पहुचे और उनसे स्नान करने की अपील की थी।
क्या है पूरा मामला
पूरा विवाद 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शुरू हुआ था। उस समय शंकराचार्य पालकी में स्नान के लिए जा रहे थे। पुलिस ने व्यवस्था की बात कहते हुए उन्हें रोककर पालकी के बजाए पैदल जाने को कहा। इस दौरान शिष्य नाराज हो गए और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की थी। वहीं, पुलिस प्रशासन से नाराज होकर अविमुक्तेश्वरानंद शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए।
इसके बाद प्रशासन ने उन्हें 48 घंटे के भीतर दो नोटिस जारी किए थे। इसमें एक में सुप्रीम कोर्ट में लगी याचिका के आधार पर शंकराचार्य की पदवी को लेकर सवाल उठाया गया। वहीं, दूसरे में मौनी अमावस्या के घटनाक्रम पर जवाब मांगा गया। नोटिस में माघ मेले से स्थायी प्रतिबंध की चेतावनी भी दी गई थी।