गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस: मोबाइल, कोरियन कल्चर और कई उलझे सवाल

गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की सुसाइड मामले में मोबाइल, कोरियन कल्चर और पिता-पुलिस बयानों में विरोधाभास से गुत्थी उलझ गई है।

Update: 2026-02-04 10:57 GMT

गाजियाबादः उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तीन सगी नाबालिग बहनों की आत्महत्या का मामला पूरे इलाके को झकझोर कर रख देने वाला है। शुरुआत में इसे ऑनलाइन कोरियन गेम की लत से जोड़कर देखा गया। हालांकि मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, यह साफ होता गया कि मामला सिर्फ गेमिंग तक सीमित नहीं है। मोबाइल की आदत, कोरियन कल्चर का असर, पढ़ाई से दूरी और पारिवारिक तनाव-इन सब पहलुओं ने इस घटना को और जटिल बना दिया है।

पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें कोरियन कल्चर, कोरियन फिल्में और वेब सीरीज देखने की आदी थीं। पिता द्वारा मोबाइल फोन ले लिए जाने के बाद वे अचानक डिजिटल दुनिया से कट गईं, जिससे वे मानसिक तनाव में चली गईं। हालांकि, इस पूरे मामले में पिता और पुलिस के बयानों में विरोधाभास भी सामने आया है।

पिता का दावा: गेमिंग टास्क बना वजह

मृतक बच्चियों के पिता चेतन का कहना है कि उनकी बेटियों ने ऑनलाइन गेम से जुड़े टास्क पूरे करने के लिए यह कदम उठाया। उनके मुताबिक, तीनों बच्चियां पिछले तीन साल से ऑनलाइन गेम खेल रही थीं और कोरिया जाने की जिद करती थीं। इस बात को लेकर उन्होंने बेटियों को डांटा था।

पिता का दावा है कि घटना से पहले बेटियों के पास मोबाइल था, लेकिन डांट के बाद उन्होंने फोन फेंक दिया और पानी पीने के बहाने कमरे में गईं। इसके बाद तीनों ने खिड़की से कूदकर जान दे दी।

दो साल से स्कूल नहीं जा रहीं थीं बच्चियां

पिता ने यह भी बताया कि तीनों बहनें दो साल से ज्यादा समय से स्कूल नहीं जा रही थीं। वे परीक्षा में फेल हो गई थीं और इसी वजह से स्कूल जाने में उन्हें शर्म महसूस होती थी। पिता के अनुसार, तीनों बच्चियां ज्यादातर समय एक ही कमरे में रहती थीं, खाना-पीना और अन्य काम भी साथ-साथ करती थीं। अगर कोई उनके कमरे में जाता, तो वे दूसरे कमरे में चली जाती थीं।

पुलिस का बयान: कोरियन कल्चर से थीं प्रभावित

ट्रांस-हिंडन के सीनियर पुलिस अधिकारी के अनुसार, भारत सिटी सोसायटी में रहने वाली तीनों नाबालिग लड़कियां साफ तौर पर कोरियन कल्चर से प्रभावित थीं। पुलिस को घर से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिससे यह बात सामने आती है। हालांकि, नोट में किसी खास गेम एप का नाम नहीं लिखा गया है।

पुलिस के सीनियर अधिकारी के अनुसार, घटना के वक्त माता-पिता घर पर मौजूद थे और हादसा रात करीब दो बजे हुआ। मृतक बच्चियों की पहचान निशिका (15), प्राची (14) और पाखी (12) के रूप में हुई है।

वेब सीरीज और बच्चों पर असर

पुलिस यह भी मान रही है कि कोरियन वेब सीरीज, खासकर ‘स्क्विड गेम’ जैसी सीरीज का बच्चों पर मनोवैज्ञानिक असर पड़ सकता है। इस सीरीज में टास्क, हार-जीत और हिंसक परिणाम दिखाए जाते हैं, जिन्हें बच्चे गंभीरता से ले सकते हैं। हालांकि, इस मामले में सीधे तौर पर किसी वेब सीरीज को वजह मानने की पुष्टि नहीं की गई है।

फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और पिता के बयान, सुसाइड नोट व डिजिटल गतिविधियों को आपस में जोड़कर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

(डिस्क्लेमरः अगर आप या आपका कोई परिचित अवसाद (डिप्रेशन) से जूझ रहा है, मन में खुद को नुकसान पहुंचाने के विचार आ रहे हैं या आत्महत्या की कोशिश कर रहा है, तो इसे हल्के में न लें। यह एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है। तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 1800-233-3330 पर संपर्क करें। समय पर मदद एक कीमती जीवन बचा सकती है।)

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