आयोजन समिति और प्रशासन ने पिछली घटनाओं से लिया सबक
कुबेरेश्वर धाम में कथा एवं रुद्राक्ष वितरण के दौरान पिछले वर्षों में हुई जनहानि की घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार कथा के दौरान रुद्राक्ष न बांटने का निर्णय लिया गया है। साथ ही कथा और रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान यातायात एवं अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी आयोजन समिति के साथ प्रशासन भी संभालेगा।
कुबेरेश्वर धाम में 14 फरवरी से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव को लेकर भोपाल संभागायुक्त संजीव सिंह, आईजी अभय सिंह और डीआईजी राजेश चंदेल ने कुबेरेश्वर धाम पहुंचकर बैठक की। बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारी, कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा एवं आयोजन समिति के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
समिति और प्रशासन संभालेंगे व्यवस्था
बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि कुबेरेश्वर धाम में प्रशासन और आयोजन समिति दोनों की जिम्मेदारी है कि सभी व्यवस्थाएं समय पर, योजनाबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही सीधे श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्रभावित करेगी, इसलिए आयोजन समिति अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करे।
यातायात एवं पार्किंग प्लान को लेकर अधिकारियों ने कहा कि मुख्य मार्गों और हाईवे पर यातायात सुचारू रखने के लिए प्रभावी डायवर्जन प्लान लागू किया जाए।
आयोजन समिति की रहेगी भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी
भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कार्यक्रम स्थल को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने आयोजन समिति और प्रशासन को निर्देशित किया कि कथा के दौरान 15 जनवरी से 15 मार्च 2026 तक रुद्राक्ष वितरण पूरी तरह से बंद रहेगा। इस संबंध में आयोजन समिति द्वारा प्रमुख स्थानों पर स्पष्ट सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।
चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर आयोजन स्थल पर पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस, प्रशिक्षित चिकित्सकीय स्टाफ, आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता और प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही वालंटियरों की पर्याप्त संख्या तैयार रखने, उन्हें पहचान पत्र उपलब्ध कराने तथा भीड़ प्रबंधन का आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए।
गंभीर स्थिति में त्वरित उपचार के लिए मिनी आईसीयू स्थापित करने और रेफरल व्यवस्था पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए गए। बैठक के बाद अधिकारियों ने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के साथ कथा स्थल का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।