शूरवीरों के इतिहास से नई पीढ़ी को जोड़ने वाला अभिनव कैलेंडर

सुमित राठौर

Update: 2026-01-10 04:31 GMT

बनारस से चली देशभक्ति और संस्कृति की बयार

बनारस की सांस्कृतिक धरती से देशभक्ति और राष्ट्रचेतना की एक नई बयार चली है। भावी पीढ़ी को भारत के शूरवीरों, महापुरुषों और मातृशक्ति के त्याग, बलिदान व शौर्य से परिचित कराने के उद्देश्य से एक विशेष देशभक्ति कैलेंडर का प्रकाशन किया गया है। यह कैलेंडर इतिहास को केवल स्मरण ही नहीं कराता, बल्कि उसे आत्मसात करने की प्रेरणा भी देता है।

वर्ष 2022 से संचालित बनारस की एक सामाजिक संस्था 'राजसूत्र पीठ' ने नए वर्ष के अवसर पर इस अभिनव पहल को साकार किया है। कैलेंडर का पहला पृष्ठ मातृशक्ति को समर्पित है, जिसमें अदम्य साहस और त्याग की प्रतीक पन्ना धाय के जीवन से नई पीढ़ी को परिचित कराया गया है। यह कैलेंडर वर्ष के प्रत्येक महीने को भारत के एक-एक महान योद्धा और राष्ट्रनायक को समर्पित करता है, जिनके जीवन से साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा मिलती है।

कैलेंडर में महापुरुषों के जीवन प्रसंगों को सरल और प्रेरक भाषा में प्रस्तुत किया गया है, ताकि छात्र, युवा और आमजन भारतीय इतिहास के गौरवशाली अध्यायों से सहज रूप से जुड़ सकें. यह पहल न केवल इतिहास के प्रति सम्मान को पुनर्जीवित करती है, बल्कि राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और गौरवबोध को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रही है।

संस्था के ट्रस्टी कुश प्रताप सिंह बताते हैं कि इस देशभक्ति कैलेंडर को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में इसकी व्यापक मांग सामने आई है। मध्य प्रदेश के ग्वालियर, हरदा, इंदौर, दमोह और भोपाल जैसे शहरों से बड़ी संख्या में कैलेंडर मंगाए गए हैं. वहीं राजस्थान के जैसलमेर और पोकरण जैसे क्षेत्रों में भी इसकी विशेष मांग दर्ज की गई है।

राजसूत्र पीठ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय है। संस्था बच्चों में संस्कार विकसित करने हेतु यज्ञोपवीत संस्कार, गुरु पूर्णिमा पर माता-पिता पूजन, छात्रों को ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराना, सिविल सर्विसेज, मेडिकल और इंजीनियरिंग के लिए आर्थिक सहयोग, कैरियर काउंसलिंग आदि कार्य भी करती है।

कैलेंडर में महापुरुषों का जिक्र इस प्रकार है

महीना

महापुरुष

जनवरी

पन्ना धाय

फरवरी

सुहेलदेव बैस

मार्च

मइ

अप्रैल

राणा सांगा

जून

अनंगपाल सिंह तोमर, महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान

जुलाई

आल्हा और ऊदल

अगस्त

वीर दुर्गादास राठौड़

सितंबर

राजा राम सिंह मौनस

अक्टूबर

मिहिर भोज

नवंबर

वीर कुंवर सिंह

दिसंबर

सम्राट हर्षवर्धन

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