भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, जीवन मूल्यों से युक्त जीवंत सभ्यता है : मुक्तिबोध

देअविवि युवा महोत्सव 2026: तृतीय दिवस में राष्ट्रबोध और नवाचार पर विचार-मंथन के साथ समापन

Update: 2026-02-09 07:55 GMT

अखंड भारत कोई राजनीतिक कल्पना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक सत्य : राजमोहन

इंदौर । देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के सत्र नियोजन युवा महोत्सव 2026 के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय युवा महोत्सव का तृतीय एवं अंतिम दिवस रविवार, 8 फरवरी को देअविवि के तक्षशिला परिसर, भवकुआं में संपन्न हुआ। पूरे परिसर में बौद्धिक चेतना, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रनिर्माण की भावना से ओतप्रोत वातावरण देखने को मिला। पूरे दिन चले विभिन्न सत्रों में युवाओं को भारत की गौरवशाली सभ्यता, आत्मनिर्भरता, तकनीकी नवाचार और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया गया।



कार्यक्रम का प्रथम सत्र ‘भारत की गौरवशाली सभ्यतागत यात्रा’ विषय पर आयोजित हुआ, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य क्षेत्र सहकार्यवाह हेमंत मुक्तिबोध ने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों से युक्त एक जीवंत सभ्यता है, जिसने विश्व को सह-अस्तित्व और मानवता का मार्ग दिखाया है। इसके पश्चात ‘The Unheard History of Vande Mataram’ नामक फिल्म की स्क्रीनिंग हुई, जिसने युवाओं को राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व से नई दृष्टि से परिचित कराया।

आत्मबोध ही राष्ट्रबोध की पहली सीढ़ी

‘आत्मजागरण से राष्ट्रजागरण का पथ’ विषय पर बोध संस्थान के संस्थापक पंकज सक्सेना ने युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति स्वयं को पहचानता है, तभी वह राष्ट्र के लिए उपयोगी बनता है। आत्मबोध ही राष्ट्रबोध की पहली सीढ़ी है। इसके उपरांत ‘Maheshwar The Holy City’ फिल्म का प्रदर्शन हुआ, जिसने भारत की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

एआई मानवता के लिए सहायक बने, शासक नहीं

मैनिट भोपाल के सहायक प्राध्यापक डॉ. अनुराग नगाई एवं रेस बैंक के संस्थापक नरेंद्र सेन ने तकनीक और नैतिकता के संतुलन पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि एआई मानवता के लिए सहायक बने, शासक नहीं यह सुनिश्चित करना आज के युवाओं की जिम्मेदारी है। इसी क्रम में ‘BHRTÓS Guru-Shishya Parampara’ फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

अखंड भारत राजनीतिक कल्पना नहीं, सांस्कृतिक सत्य

‘गतिशील राष्ट्र’ विषय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मालवा प्रांत के प्रचारक श्री राजमोहन ने मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि अखंड भारत कोई राजनीतिक कल्पना नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक सत्य है, जो युगों-युगों से हमारे अस्तित्व में प्रवाहित होता रहा है।

महोत्सव के प्रमुख अंश

कार्यक्रम का समापन सायं 5:30 से 6:00 बजे के बीच कृष्ण संसार, कीर्तन जैमिंग एवं वंदे मातरम् बैंड की संगीतमय प्रस्तुति के साथ हुआ। इस प्रस्तुति ने पूरे परिसर को राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।युवा महोत्सव 2026 के तृतीय दिवस ने युवाओं में आत्मबोध, राष्ट्रबोध और नवभारत निर्माण के संकल्प को और अधिक सशक्त किया। तीनों दिन चले इस युवा महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों के साथ-साथ इंदौर एवं मालवा-निमाड़ क्षेत्र के विद्यार्थियों और शोधार्थियों की उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

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