आयुक्त के निर्देश बेअसर, उज्जैन में 55 टन टैंकरों पर अब भी नहीं लगी रोक
उज्जैन के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी द्वारा शासन के नियम-कानूनों की अनदेखी करते हुए कई टैंकरों को निर्धारित क्षमता से अधिक माल परिवहन की अनुमति दिए जाने का मामला अब भी थमता नजर नहीं आ रहा है। परिवहन आयुक्त के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद 16 चक्का टैंकरों की अवैध 55 टन भार क्षमता को कम नहीं किया गया है, जबकि ये टैंकर पिछले 3–4 वर्षों से शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचा चुके हैं।
चिंताजनक तथ्य यह है कि ये वाहन निर्धारित 47.5 टन क्षमता के विपरीत 55 टन तक अत्यंत ज्वलनशील रसायन भरकर सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे न केवल राजस्व की भारी क्षति हो रही है, बल्कि आमजन की सुरक्षा भी गंभीर खतरे में है।
उल्लेखनीय है कि उज्जैन आरटीओ द्वारा एलपीटी-4825 श्रेणी के आधा दर्जन से अधिक 16 चक्का टैंकरों को अवैधानिक रूप से 55 टन भार क्षमता की अनुमति देने का मामला समाचार पत्र स्वदेश में 25 नवंबर 2025 को प्रकाशित हुआ था। खबर पर संज्ञान लेते हुए परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ने उप परिवहन आयुक्त किरण शर्मा के माध्यम से उज्जैन आरटीओ संतोष मालवीय को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था।
सुधार का दिया था आश्वासन
आरटीओ मालवीय ने उस समय कुछ वाहनों में गड़बड़ी स्वीकार करते हुए तत्काल सुधार का आश्वासन दिया था, लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि संबंधित सभी टैंकर अब भी बीना रिफाइनरी से 55 टन अत्यंत ज्वलनशील रसायन लेकर परिवहन कर रहे हैं। परिवहन आयुक्त के निर्देशों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है।
इन टैंकरों में पाई गई गड़बड़ी
MP 13 H 1668
MP 13 H 1098
MP 13 H 1099
MP 13 H 1114
MP 13 H 1115
MP 13 H 8818
गड़बड़ी पर आरटीओ मौन
47.5 टन निर्धारित क्षमता वाले टैंकरों को अवैधानिक रूप से 55 टन भार की अनुमति देने और परिवहन आयुक्त के आदेश के बाद भी सुधार न किए जाने के संबंध में प्रतिक्रिया के लिए उज्जैन आरटीओ संतोष मालवीय से उनके मोबाइल पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। व्हाट्सएप के माध्यम से भेजे गए प्रश्नों का भी कोई उत्तर नहीं दिया गया. खुलेआम आदेशों की अवहेलना और भार क्षमता में संशोधन न किया जाना उज्जैन आरटीओ की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
इनका कहना है
अधिक भार क्षमता की अनुमति के संबंध में आपके माध्यम से जो विषय संज्ञान में लाया गया है, परिवहन आयुक्त महोदय के निर्देश पर आरटीओ उज्जैन को पत्र जारी कर दिया गया है। यदि अनियमितता पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।”
- किरण शर्मा, उप परिवहन आयुक्त, मप्र
“हमने टैंकरों की भार क्षमता कम कराने के लिए आरटीओ कार्यालय में आवेदन दिया है। आगे क्या कार्रवाई हुई, इसकी हमें जानकारी नहीं है।”
- संचालक, राजू रोड लाइन्स