भोपाल के पानी में मिला ‘ई. कोलाई’ बैक्टीरिया: लक्षण, कारण और बचाव के उपाय
भोपाल के खानूगांव, आदमपुर छावनी और वाजपेयी नगर के भूजल में हाल ही में ‘ई. कोलाई’ बैक्टीरिया पाए जाने की पुष्टि हुई है। इन क्षेत्रों से लिए गए चार पानी के सैंपल में यह बैक्टीरिया मौजूद था। भोपाल नगर निगम (बीएमसी) ने इन इलाकों के भूजल के उपयोग पर तत्काल रोक लगा दी है। यह वही बैक्टीरिया है, जिसकी वजह से हाल ही में इंदौर में अभी तक 20 लोगों की मौत हो चुकी हैं। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि ई. कोलाई बैक्टीरिया क्या है, यह कैसे फैलता है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचाव किया जा सकता है।
ई. कोलाई बैक्टीरिया क्या है?
ई. कोलाई एक प्रकार का बैक्टीरिया है जो सामान्यतः हमारे पेट में रहता है और पाचन में मदद करता है। अधिकांश ई. कोलाई हानिरहित होते हैं , लेकिन कुछ प्रकार के ई. कोलाई बैक्टीरिया पानी या भोजन के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं और गंभीर बीमारियाँ पैदा कर सकते हैं। संक्रमण होने पर यह पेट दर्द, दस्त, उल्टी और बुखार जैसे लक्षण पैदा कर सकता है। गंभीर मामलों में किडनी या अन्य अंग प्रभावित हो सकते हैं और कभी-कभी यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। जिससे व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।
ई. कोलाई संक्रमण कैसे फैलता है?
ई. कोलाई संक्रमण मुख्य तौर से तब होता है जब यह बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर जाता है। इसके फैलने के कुछ आम कारण हैं:
दूषित पानी पीना
गंदा या पर्याप्त रूप से साफ न किया गया पानी पीने से बैक्टीरिया पेट में जाकर संक्रमण पैदा कर सकते हैं।
अधपका या गंदा खाना खाना
- कच्चा या अधपका मांस, अंडा, दूध, सब्ज़ियाँ और फल खाने से संक्रमण हो सकता है।
- इसलिए भोजन को अच्छे से पकाना और सफाई रखना आवश्यक है।
- बीमार व्यक्ति के गंदे हाथ या बर्तन इस्तेमाल करने से बैक्टीरिया दूसरों तक आसानी से फैल सकता है।
गंदे पानी से धुले फल और सब्ज़ियाँ
- कच्ची सब्ज़ियाँ और फल यदि गंदे पानी से धोए गए हों, तो उनसे भी संक्रमण फैल सकता है।
- साफ-सफाई की कमी
- घर या आसपास की जगह अगर गंदी और कीचड़ वाली हो, जैसे खुले नाले या गंदगी भरे इलाके, तो वहाँ से भी बैक्टीरिया फैल सकता है।
ई. कोलाई संक्रमण के लक्षण
- ई. कोलाई से संक्रमित होने पर लक्षण आमतौर पर 1–10 दिन में दिखाई देते हैं। जिसके प्रमुख लक्षण यह हैं:
- पेट में दर्द और ऐंठन
- बार-बार ढीले या पानी जैसे दस्त
- उल्टी
- हल्का या तेज बुखार
- कमजोरी और थकान
- गंभीर मामलों में खून के साथ दस्त
- लगातार दस्त और उल्टी से पानी की कमी (Dehydration)
- अत्यंत गंभीर मामलों में किडनी या अन्य अंग प्रभावित
ई. कोलाई से बचाव के उपाय
ई. कोलाई संक्रमण से बचाव के लिए कुछ सरल सावधानियाँ अपनाई जा सकती हैं:
1. हाथों की स्वच्छता
- खाना बनाने या खाने से पहले, शौच के बाद और पालतू जानवरों को छूने के बाद कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से हाथ धोएं।
- साबुन और पानी न मिलने पर अल्कोहल बेस्ड हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
2. सुरक्षित भोजन और पानी का सेवन
- पानी: हमेशा उबला हुआ या बोतलबंद पानी पिएं। नदी, तालाब या अनसैनीटाइज्ड स्रोत से पानी न पीएं।
- दूध और डेयरी उत्पाद: केवल पाश्चुरीकृत दूध और दही का इस्तेमाल करें।
- फल और सब्ज़ियाँ: खाने से पहले अच्छी तरह धोएं।
- मांस और अंडे: पूरी तरह पकाएं; कच्चा मांस या अंडा न खाएं।
3. व्यक्तिगत और रसोई स्वच्छता
- कच्चे और पके खाने को अलग रखें।
- कटिंग बोर्ड, चाकू और बर्तन का अच्छी तरह सफाई करें।
- बच्चों, वृद्धों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों के लिए सफाई पर विशेष ध्यान दें।
4. संक्रमित व्यक्ति से बचाव
- बीमार व्यक्ति के मल या उल्टी से सीधे संपर्क से बचें।
- उनके बाथरूम और कपड़ों को अच्छी तरह साफ और डिसइंफेक्ट करें।
5. अन्य सावधानियाँ
- बाहर का खाना खाते समय सुनिश्चित करें कि वह स्वच्छ और पूरी तरह पका हुआ हो।
- दस्त या उल्टी वाले व्यक्ति के लिए अलग बर्तन और तौलिया रखें।
- यात्रा के दौरान पानी की बोतल और हाथों की स्वच्छता पर ध्यान दें।
आपको बता दे इंदौर में इसी बैक्टीरिया की चपेट में आने की वजह से 20 लोगों की मौत हो चूकी हैं। लेकिन अगर सावधानी का ध्यान रखें तो इस संक्रमण से बचा जा सकता हैं।