दूषित पानी ने ली 13 जानें: इंदौर पहुंचे मुख्यमंत्री, हाईकोर्ट ने मांगी सरकार से स्टेटस रिपोर्ट
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 5 माह का एक बच्चा भी शामिल है। 150 से अधिक लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बीमार लोगों से मिलने वर्मा नर्सिंग होम पहुंचे। मामले में हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने राज्य सरकार से 2 जनवरी तक स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश इंसानी ने बुधवार सुबह जनहित याचिका दायर कर शहर के नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने त्वरित सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। बुधवार को भागीरथपुरा में 5 माह के अव्यान साहू सहित 4 लोगों ने दम तोड़ा। अव्यान की मां का कहना है कि 5 माह के अव्यान को बाहरी दूध पिलाया जाता था, जिसमें पानी मिलाया जाता था।
दो याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई
भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों के मामले में हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में दो जनहित याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें से एक इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश इंसानी द्वारा, जबकि दूसरी भागीरथपुरा निवासी राहुल गायकवाड़ द्वारा दायर की गई है।
कोर्ट में बताया गया कि क्षेत्र में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। कई मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। वहीं कांग्रेस ने मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा, जयवर्धन सिंह, बदनावर विधायक भंवर सिंह शेखावत, तराना विधायक महेश परमार और सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल शामिल हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के वर्मा नर्सिंग होम पहुंचकर 12 मरीजों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और डॉक्टरों से उपचार की स्थिति पर चर्चा की।
…जब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने खोया आपा
भागीरथपुरा दूषित पेयजल मामले में बुधवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज में आयोजित बैठक से निकलते समय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से एनडीटीवी के एक पत्रकार ने सवाल किया। पत्रकार ने पूछा कि पीड़ितों को रिफंड देने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक वह नहीं मिला है और न ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था हुई है।
इस प्रश्न पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नाराज होते हुए कहा, “छोड़ो, तुम फोकट सवाल मत पूछो यार, क्या हुआ… इस पर पत्रकार ने कहा कि आप ठीक से बात कीजिए और अपशब्दों का प्रयोग न करें। आप इतने वरिष्ठ मंत्री हैं, ऐसे शब्द आपको शोभा नहीं देते। इस पर मंत्री ने कहा, “तुम यहां से निकलो।” पत्रकार ने जवाब दिया, मैं तो निकलूंगा ही…