फूट-फूटकर रोई विधायक रामबाई, कहा- मेरे पति और देवर निकले आरोपी तो कर लूंगी खुदकुशी
बसपा विधायक के घर पुलिस अधीक्षक ने दल बल के साथ मारा छापा
भोपाल/राजनीतिक संवाददाता। मध्य प्रदेश में एक कांग्रेस नेता की हत्या के सिलसिले में पुलिस ने दमोह जि़ले की पथरिया विधानसभा सीट से बसपा विधायक रामबाई के घर पर पुलिस अधीक्षक ने दलबल के साथ छापा मारा। विधायक रामबाई के पति और देवर सहित सात लोगों के ख़िलाफ़ कांग्रेस नेता की हत्या का मामला दर्ज है। पुलिस को इनकी तलाश है। इसी सिलसिले में पुलिस ने विधायक के घर समेत अन्य जगहों पर छापामार कार्रवाई की। दमोह में बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए दिग्गज नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या के बाद बसपा की पथरिया विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह, देवर समेत सात लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। घटना के बाद से ही ये सब फरार चल रहे है।
कद्दावर नेता माने जाते थे देवेंद्र
देवेंद्र क्षेत्र के कद्दावर नेता माने जाते थे। वर्ष 2004 में देवेंद्र चौरसिया उम्र 56 वर्ष निवासी हटा बसपा प्रत्याशी के रूप में हटा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े थे। वहीं वर्ष 2014 में वह दमोह लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े थे। वर्षों तक वह बसपा में रहे और 12 मार्च 2019 को कांग्रेस में शामिल हुए थे। सोवेश, देवेंद्र चौरसिया का इकलौता पुत्र है जो घटना में घायल होने की वजह से उपचाररत है।
कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में अपने पति एवं देवर के नाम आने के बाद से पथरिया से बसपा की दबंग विधायक रामबाई परेशान हैं। मीडिया के सामने वे फूट-फूट कर रोई। इतना ही नहीं उन्होंने कुछ सनसनीखेज बयान भी दिए हैं। दमोह पुलिस अधीक्षक द्वारा विधायक रामबाई सिंह के घर छापा मारा गया और इस छापेमार कार्रवाई के बाद राम बाई टूटती हुई नजर आई। वे मीडिया के सामने आंसू बहाती दिखाई दी। विधायक रामबाई दरअसल, पुलिस कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड में आरोपी बनाए गए विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह, देवर चंदू सिंह, भतीजे गोलू सिंह एवं भाई लोकेश की तलाश करने गई थी, लेकिन अनेक ठिकानों पर छापे मारने के बाद भी पुलिस को सफलता नहीं मिली। दबंग विधायक राम बाई सिंह ने दावा किया कि उनकी बात हर दिन उनके पति गोविंद सिंह एवं देवर चंदू सिंह से होती है। उन्होंने कहा की पुलिस उन्हें लिखित में दें तो वह अपने परिजनों को पेश करा सकती हैं। विधायक रामबाईराम बाई ने कहा कि उन्हें यदि न्याय नहीं मिलता तो वे 10 दिन के अंदर विधानसभा के सामने भोपाल में आमरण अनशन करेंगी। राम बाई ने यह भी दावा किया कि उनके पति एवं देवर इस हत्याकांड में शामिल नहीं है। यदि वे जांच में शामिल मिलते हैं, तो वे विधायक पद से इस्तीफा देकर खुदकुशी कर लेंगी। राम भाई ने अपने बयान में पुलिस को चेतावनी दी की यदि उनके साथ कोई घटना हो जाती है, और वे सीएम का नाम भी आरोपियों में लिखना चाहती हैं तो क्या पुलिस उनका नाम लिखेगी।