MP बिजली विभाग का सख्त एक्शन, बकायादारों के पब्लिक किए नाम, उपभोक्ताओं को लगेगा झटका

मध्यप्रदेश बिजली वितरण कंपनी ने भोपाल समेत 16 जिलों में बड़े बिजली बकायादारों के नाम और राशि सार्वजनिक की है। साथ ही नई तैयारी से झटका लगेगा।

Update: 2026-01-13 16:44 GMT

भोपालः मध्यप्रदेश बिजली वितरण कंपनी ने कार्यक्षेत्र के भोपाल समेत 16 जिलों के ऐसे बिजली उपभोक्ता जिन्होंने राशि का भुगतान नहीं किया हो, उनके नाम, पते और बकाया राशि की जानकारी को सार्वजनिक कर दिया है। भोपाल में 10 बड़े बकायादारों के नाम कंपनी के पोर्टल पर सार्वजनिक कर दी गई है।

इन बकायादारों के नाम उपभोक्ता क्षेत्रवार देख सकते हैं। इसके लिए कंपनी की वेबसाइट पर क्लिक करते ही वृत्त के आधार पर कुल बकायादारों की सूची उपलब्ध हो जाएगी। इसी लिंक को कंपनी के सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम आदि पर भी साझा कर दिया गया है।

सप्ताह के पहले दिन अपडेट होती है लिस्ट

कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी मनोज दिवेद्दी ने बताया कि इस सूची को प्रति सोमवार कंपनी अपडेट करती है, जो उपभोक्ता अपने बिजली बिल की बकाया राशि जमा कर रहे हैं। उनके नाम पोर्टल पर जारी सूची से तथा सोशल मीडिया से हटा दिए जाते हैं। इसलिए बकाया राशि समय पर जमा करें, ताकि बकायादारों की सूची से नाम हटाया जा सके।

ये हैं भोपाल शहर के बड़े बकाया उपभोक्ता

अलकापुरी गृह निर्माण समिति पर 3.59 लाख का बकाया,बैरागढ़ चीचली खनेजा प्रापर्टीज गैर-घरेलू 7,29,567 रुपए, कटारा हिल्स प्रवीना पत्नी आदित्य घरेलू 4,59,313 रुपए, शक्तिनगर की अलकापुरी सहकारी गृह निर्माण समिति घरेलू 359050 रुपए भानपुर, सुनील कुमार मेहर घरेलू 3,42,101 रुपए, छोला सुमित डिजिटल इंस्फ्रा. गैर-घरेलू 2,74,951 रुपए, अरेरा कॉलोनी एनसीसी लिमिटेड गैर-घरेलू 2,72,971 रुपए, इंडस्ट्रियल गेट ताहिरा परबीन घरेलू 237344 रुपए, इंडस्ट्रियल गेट मनोज घरेलू 2,21,378 रुपए।

देय तिथि से पहले करें बकाया राशि का भुगतान

विद्युत वितरण कंपनी ने मंगलवार को सभी वृत्त कार्यालयों में समीक्षा बैठकें आयोजित कर मैदानी स्तर पर राजस्व वसूली की वृद्धि के निर्देश दिए हैं। सभी मैदानी अधिकारियों को बकाया राशि वसूली करने, भू-राजस्व संहिता के अंतर्गत सी-फार्म एवं कुर्की करने, बैंक खाते सीज करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं। कंपनी ने यह भी निर्देश दिये हैं कि विजीलेंस के बनाए प्रकरणों में बकाया राशि की वसूली तेज की जाए। ऑडिट में निकाल बकाया राशि और अन्य कारणों से बकाया राशि की वसूली की जाए। काटे गये कनेक्शनों की रात्रि में चेकिंग की जाए। यदि कोई उपभोक्ता ऐसा करता पाया जाता है, तो उसके विरूद्ध बिजली अधिनियम-2003 की धारा 138 के अंतर्गत प्रकरण बनाया जाएं।

उपभोक्ताओं को लगेगा झटका

एक तरफ बकायेदारों के नाम सार्वजनिक किए जा रहे है। वहीं, बिजली विभाग ऐसा फैसला लेने जा रही जिससे लोगों को तगड़ा झटका लग सकता है। प्रदेश में अब बिजली बिल किलोवाट (KW) नहीं बल्कि किलो-वोल्ट एम्पीयर (KVA) के आधार पर वसूले जाने की तैयारी है। मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने यह प्रस्ताव 2026-27 के टैरिफ प्लान के तहत मप्र विद्युत नियामक आयोग को भेज दिया है। यदि यह प्रपोजल मंजूर होता है तो बिजली बिल 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।

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