आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की थीम पर मना स्थापना दिवस

Update: 2021-11-01 17:55 GMT

 भोपाल। प्रदेश का 66वां स्थापना दिवस सोमवार को आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की थीम पर मध्यप्रदेश उत्सव के रूप में मनाया गया। राज्य-स्तरीय कार्यक्रम शाम 6.30 बजे भोपाल के लाल परेड ग्राउण्ड में राष्ट्रगान और मंत्रोच्चारण के साथ शुरू हुआ। राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री चौहान ने नागरिकों को आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प दिलवाया।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें: राज्यपाल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें। सभी प्रदेशवासी एकजुट होकर आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के लिए प्रयास करें। स्वदेशी उत्पादों का स्वयं उपयोग करें एवं दूसरों को भी प्रेरित करें। उन्होंने मध्यप्रदेश में 7 करोड़ से अधिक वैक्सीनेशन होने पर सरकार को बधाई और प्रदेश के 66वें स्थापना दिवस और दीपावली के पावन पर्व की सभी प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि सबके घर में सुख समृद्धि का वास हो प्रदेश विकास और उन्नति के नए कीर्तिमान स्थापित करे।

आत्म-निर्भर मप्र के लिये सरकार के साथ समाज का साथ भी आवश्यक: मुख्यमंत्री 

मुख्यमंत्री चौहान ने प्रदेश के नागरिकों को स्थापना दिवस और दीपावली के पावन पर्व की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के लिए सरकार के साथ समाज खड़ा हो, तभी हमारा विकास का संकल्प पूरा होगा। विकास में आम जनता का सहयोग और साथ चाहिए। प्रत्येक नागरिक कोई एक कार्य हाथ में ले। पर्यावरण सुरक्षा में भी सहयोग दें। हर व्यक्ति विशेष अवसरों पर पौधा लगाये।

दीवाली पर सामान खरीदी में स्थानीय उत्पाद को दें प्राथमिकता - 

उन्होंने कहा कि इस दिवाली पर आप सामान खरीदी में स्थानीय उत्पाद को प्राथमिकता दें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी कहा है कि इस दीपावली पर दीपक, मूर्ति आदि जो लोकल कारीगरों द्वारा बनी हैं, ऐसे उत्पाद ही खरीदें। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि कारीगरों की दिवाली भी अच्छी बन जाए, ऐसे हम सबको प्रयास करना होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के कठिन काल के बाद यह आयोजन हो रहा है। कोरोना से बचाव के लिए सभी को अनिवार्य रूप से दोनों डोज लगवाना है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वदेशी वैक्सीन के माध्यम से जनता को सुरक्षा चक्र उपलब्ध करवाया है, इसका उपयोग करें। उन्होंने कहा कि विकास का प्रकाश बेमानी है यदि गरीब का घर न जगमगाए। हमारा संकल्प है कि गरीब की जिंदगी बदलेंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अधिकार के साथ कर्त्तव्य का पालन भी करना है।

चौहान ने कहा कि प्रदेश में ढाई करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, जिससे प्रति व्यक्ति को 5 लाख तक का उपचार नि:शुल्क रूप से प्राप्त होता है। प्रदेश में सीएम राइज स्कूल प्रारंभ किए जाएंगे। इन स्कूलों में लेब, कम्प्यूटर और स्मार्ट क्लास की व्यवस्था रहेगी। बेटियों के लिए लाड़ली लक्ष्मी योजना संचालित है। बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए 25 हजार रूपए की राशि एक मुश्त दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग और पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए आयोग बनाये गये हैं। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध हो रहा है। छोटे और सीमांत किसानों को वर्ष में 10 हजार रुपये की राशि दी जा रही है। किसानों के उत्पादन के निर्यात की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि कोरोना से जिस तरह सरकार और समाज ने संयुक्त रूप से मुकाबला किया, उसी तरह अब आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के लिए सभी को मिलकर प्रयासों की पराकाष्ठा करना होगी। प्रत्येक कार्य सरकार नहीं कर सकती, आम लोगों को सहभागी बनना होगा। तभी हम समाज के प्रत्येक वर्ग की जिंदगी बदल पाएंगे।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने अटल एक्सप्रेस-वे, नर्मदा एक्सप्रेस-वे, नदी जोड़ो अभियान में हो रहे कार्य, सिंचाई पेयजल, विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में योजनाओं के क्रियान्वयन और सौर ऊर्जा क्षेत्र में नए प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने देश के विकास में विभिन्न वर्गों के योगदान का स्मरण कर धन्यवाद दिया।

कुसुम योजना - 

मुख्यमंत्री ने कहा के नवीन कुसुम योजना प्रारंभ होगी, जिसमें 2 मेगावाट के पावर प्लांट स्थापित करने के लिए स्थानीय निकायों को सहयोग दिया जाएगा। उनके द्वारा उत्पादित विद्युत को खरीदने की व्यवस्था शासन द्वारा होगी। 

मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना - 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना प्रारंभ की जाएगी, जो युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में काफी मददगार होगी। योजना में युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिये एक से 50 लाख रुपये तक का ऋण दिया जायेगा, जिसकी गारंटी सरकार देगी। इसमें 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान भी दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि पुरानी योजनाओं को नया स्वरूप दिया जाएगा। लघु, मध्यम और सूक्ष्म उद्योगों के क्षेत्र में तेजी से कार्य होगा। संबल योजना को पूरी ताकत से साथ लागू किया जाएगा।

आवासहीनों को भू-खण्ड - 

मुख्यमंत्री ने कहा एक परिवार में सदस्यों की संख्या बढ़ जाने से समस्या होती है। इसके लिए मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना में परिवारों के सदस्यों को मकान के लिए भूखंड देकर मालिक बनाने का कार्य किया जाएगा।

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