केंद्रीय कैबिनेट के बड़े फैसले: खरीफ फसलों की खरीदी के लिए 2.07 लाख करोड़ स्वीकृत, ब्याज सहायता योजना को मंजूरी

Update: 2025-05-28 10:50 GMT

Union Cabinet Decisions : नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में देश के विकास और किसानों के कल्याण के लिए पांच अहम फैसले लिए गए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन फैसलों की जानकारी साझा की। किसानों को सशक्त बनाने और देश की बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में ये निर्णय मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।

खरीफ फसलों के लिए 2,07,000 करोड़ रुपये की मंजूरी

किसानों के हित में सबसे बड़ा फैसला खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को मंजूरी देना है। 2025-26 के खरीफ विपणन सत्र के लिए 2,07,000 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।

यह MSP कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों पर आधारित है, जो फसलों की लागत पर कम से कम 50% मुनाफा सुनिश्चित करता है। इसके अलावा, वैश्विक और घरेलू कीमतों, फसलों के बीच संतुलन, और कृषि-गैर-कृषि व्यापार संतुलन जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा गया है।

किसानों के लिए सस्ता ऋण: ब्याज सबवेंशन योजना

किसानों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए ब्याज सबवेंशन योजना को भी हरी झंडी मिली है। इस योजना के तहत 15,642 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए किसानों को खेती, बागवानी, और पशुपालन जैसी गतिविधियों के लिए 3 लाख रुपये तक का ऋण 7% की रियायती ब्याज दर पर मिलेगा।

समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को 3% की अतिरिक्त छूट मिलेगी, जिससे कुल ब्याज दर केवल 4% रह जाएगी। साथ ही, 2 लाख रुपये तक के ऋण के लिए कोई गारंटी नहीं देनी होगी। देशभर के 449 बैंकों को एक पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे ऋण प्रक्रिया और आसान होगी।

इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति: तीन बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी

मंत्रिमंडल ने इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भी तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। पहला, आंध्र प्रदेश में बदवेल से नेल्लोर तक 108 किलोमीटर लंबा 4-लेन हाइवे, जिसकी लागत 3,653 करोड़ रुपये होगी। यह हाइवे राष्ट्रीय राजमार्ग-67 (NH-67) का हिस्सा होगा और कृष्णपट्टनम पोर्ट से सीधा संपर्क प्रदान करेगा। यह विशाखापत्तनम-चेन्नई, हैदराबाद-बेंगलुरु, और चेन्नई-बेंगलुरु जैसे औद्योगिक कॉरिडोरों को जोड़ेगा, जिससे हुबली, होस्पेट, बेल्लारी, गूटी, कडप्पा, और नेल्लोर जैसे क्षेत्रों को आर्थिक लाभ होगा।

दूसरा, महाराष्ट्र में 135 किलोमीटर लंबी वर्धा-बल्लारशाह रेललाइन और तीसरा, मध्य प्रदेश में 41 किलोमीटर लंबी रतलाम-नागदा रेललाइन को चौड़ा करने की योजना को मंजूरी दी गई है। ये परियोजनाएं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी।

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