भैरव से लेकर आईबीजी, शक्तिबाण से लेकर रूद्रा, भारतीय सेना की बदल रही तस्वीर

नई रूद्रा ब्रिगेड, इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप और भैरव बटालियन से भारतीय सेना बदल रही है। जानिए क्या है ये नई रणनीति और ताक़त।

Update: 2026-01-15 08:11 GMT

नई दिल्ली। भारतीय सेना अब हर मोर्चे पर तेज़ चुस्त और स्वतंत्र रूप से लड़ने की क्षमता के साथ आगे बढ़ रही है । सेना सिर्फ़ इन्फैंट्री-आर्टिलरी-कवलीयर की पुरानी परिभाषा तक सीमित नहीं रह गई है. अब एक इकाई में सारे हथियार, कमांड, और सपोर्ट मौजूद होगा ताकि ज़रूरत पड़े तो तुरंत किसी भी तरह की लड़ाई में उतर सके ।

रूद्रा ब्रिगेड: कस्बों से रणभूमि तक

ब्रिगेड पहले से तो थी, लेकिन अब की रूद्रा ब्रिगेड में पैदल फ़ौज के साथ भारी तोपख़ाना, मिसाइल, एयर डिफेंस और लॉजिस्टिक सब एक साथ हैं मतलब, एक ही कमान के नीचे हर ज़रूरत की इकाई मौजूद है. अब तक दो रूद्रा ब्रिगेड सक्रिय हो चुकी हैं और बाक़ी भी जल्दी शामिल होंगी। अगर पहले किसी इलाके में फ़ौज भेजनी होती थी, तो पहले पैदल फ़ौज, फिर आर्टिलरी, फिर इंजीनियर्स को अलग-अलग लगाना पड़ता था अब? एक ही रूद्रा ब्रिगेड बस कमांड दे दी, जरूरत के हिसाब से तुरंत ऐक्शन ।


इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (IBG): छोटी, तेज़ और निर्णायक

अब सेना एक नई अवधारणा पर काम कर रही है इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (IBG) जो बड़ी ब्रिगेड और छोटी टुकड़ी के बीच का ‘स्वतंत्र लड़ाकू समूह’ है. IBG

  • करीब 5,000 से 7,000 सैनिकों वाला समूह
  • ज़मीन, हवा और तकनीकी समर्थन सब एक साथ
  • एक IBG पाकिस्तान बॉर्डर पर भी देखा जाएगा

सरकार ने अब चार IBG को मंज़ूरी दे दी है और भविष्य में इनकी संख्या बढ़ेगी हर IBG का हेड एक मेजर-जनरल होगा, जिससे परिचालन भी तेज़ और जवाबदेही भी साफ़ होगी । Full View

भैरव बटालियन: छोटे समूह में बड़ी ताक़त

अब सबसे दिलचस्प भाग भैरव बटालियन ये बटालियन किसी साधारण लड़ाई के लिए नहीं बनाई जा रही बल्कि हर मोर्चे पर लड़ने-करने के लिए होगी भैरव बटालियन खास हैं क्योंकि

  • पैदल फ़ौज + तोपख़ाना + एयर डिफेंस + सिग्नल और सपोर्ट सब एक जगह
  • ड्रोन, स्मार्ट हथियार और तेज़-तुरंत फ़ैसला लेने वाली प्रणाली
  • क्रॉस-बॉर्डर ऑपरेशंस से लेकर इंटेलिजेंस मिशन तक में इस्तेमाल

अब तक 25 भैरव बटालियन में से 13 सक्रिय हो चुकी हैं। ख़ुद सेना का जवान ने बताया पहले किसी पर हमला करना मतलब महीने-महिनों की तैयारी, लॉजिस्टिक इंतज़ाम और अलग-अलग कमांड रहती थी लेकिन अब, भैरव बटालियन तो एक मोबाइल सेना जैसी है सब कुछ तुरंत, सब कुछ एक साथ।

यह बदलाव सेना की रणनीति, गतिशीलता और आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाई दे रहा है।

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